आजकल खराब लाइफस्टाइल, बढ़ता तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) की बीमारी तेजी से लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है। पहले यह समस्या बढ़ती उम्र में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। हाई ब्लड प्रेशर को “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि कई बार इसके लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते, लेकिन अंदर ही अंदर यह दिल, किडनी, दिमाग और आंखों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती है। अगर समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी के मुताबिक हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और तनाव को कम करके आप ब्लड प्रेशर को काफी हद तक कंट्रोल में रख सकते हैं।

ब्लड प्रेशर वो दबाव (Pressure) होता है जो शरीर में बहने वाला खून हमारी नसों की दीवारों पर डालता है। सामान्य तौर पर 120/80 mmHg को नॉर्मल ब्लड प्रेशर माना जाता है। शरीर के सभी अंग सही तरीके से काम करें, इसके लिए ब्लड प्रेशर का संतुलित रहना जरूरी होता है। बहुत कम या बहुत ज्यादा ब्लड प्रेशर दोनों ही सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। बीपी कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव करना और समय पर दवाओं का सेवन करना जरूरी है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया दवाओं के साथ-साथ प्राकृतिक उपाय भी ब्लड प्रेशर नॉर्मल रखने में आपकी मदद कर सकते हैं। हमारी रसोई और आस-पास मौजूद तीन बेहद साधारण दिखने वाली जड़ी-बूटियां बीपी को नेचुरल तरीके से कंट्रोल करने में मददगार साबित हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि वे जड़ी-बूटियां कौन सी हैं और उनका सेवन कैसे करना चाहिए।
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ब्लड प्रेशर हाई क्यों होता है?
डॉक्टर के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। लगातार तनाव (Stress), ज्यादा जंक फूड खाना, नमक और तला-भुना भोजन अधिक लेना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, मोटापा और कुछ दूसरी बीमारियां बीपी बढ़ने का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा अगर परिवार में किसी को हाई ब्लड प्रेशर रहा हो तो बच्चों में भी इसका खतरा बढ़ जाता है।
हाई ब्लड प्रेशर से शरीर को क्या नुकसान होते हैं?
लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से दिल और नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे नसों में सूजन और ब्लॉकेज का खतरा बढ़ सकता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। लगातार हाई बीपी रहने से दिल के चैंबर फैल सकते हैं, किडनी खराब हो सकती है और गंभीर स्थिति में आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ सकता है।
कब समझें कि ब्लड प्रेशर ज्यादा है?
अगर सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर यानी ऊपरी रीडिंग 120 से 139 के बीच और डायस्टोलिक यानी निचली रीडिंग 80 से 89 के बीच रहता है तो इसे प्री-हाइपरटेंशन स्टेज माना जाता है। वहीं अगर बीपी लगातार 140/90 या उससे ज्यादा बना रहे तो इसे हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है और इलाज की जरूरत पड़ सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर को ठीक करने के आयुर्वेदिक उपाय
अर्जुन की छाल का करें सेवन
अर्जुन की छाल को हाई ब्लड प्रेशर के लिए असरदार आयुर्वेदिक उपाय माना जाता है। यह ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करने में मदद करती है, जिससे ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे नॉर्मल होने लगता है। इसके अलावा यह कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स कम करने में भी मदद कर सकती है।
सेवन का तरीका
अगर आप नेचुरल तरीके से बीपी को नॉर्मल करना चाहते हैं तो 5 ग्राम अर्जुन की छाल का पाउडर डेढ़ कप पानी में उबालें। जब पानी एक कप रह जाए तो उसे छानकर सुबह खाली पेट पिएं। रोजाना खाली पेट इस पानी को पीने से बीपी नॉर्मल रहेगा।
अश्वगंधा भी है बीपी का इलाज
अश्वगंधा तनाव और चिंता को कम करने वाली लोकप्रिय आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। अच्छी नींद लाने और मानसिक तनाव कम करने वाली ये जड़ी बूटी हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मददगार साबित हो सकती है।
सेवन का तरीका
आप बीपी को नॉर्मल रखने के लिए 5 ग्राम अश्वगंधा पाउडर का सेवन दिन में दो बार पानी के साथ करें। आप अश्वगंधा कैप्सूल 500 mg का एक कैप्सूल दिन में दो बार ले सकते हैं।
सर्पगंधा हर्ब भी है बीपी का इलाज
सर्पगंधा को हाई ब्लड प्रेशर के लिए सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक हर्ब्स में माना जाता है। यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को रिलैक्स करने, तनाव कम करने और दिल की धड़कन को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सर्पगंधा नसों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में सहायक हो सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे सामान्य होने लगता है। यही वजह है कि इसे आयुर्वेद में हाई बीपी की लोकप्रिय औषधि माना जाता है। हालांकि इसका सेवन हमेशा सही मात्रा में और डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए, क्योंकि जरूरत से ज्यादा सेवन कुछ लोगों में चक्कर, कमजोरी या लो बीपी जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
सेवन का तरीका
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बीपी को नॉर्मल करने के लिए रोजाना 100 से 200 mg सर्पगंधा एक्सट्रैक्ट लेने की सलाह दी है, लेकिन इसे डॉक्टर की सलाह से ही लेना बेहतर होता है।
क्या बीपी की दवाएं जिंदगी भर लेनी पड़ती हैं?
अगर व्यक्ति अपनी लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव नहीं करता है तो लंबे समय तक दवाओं की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से धीरे-धीरे दवाओं की मात्रा कम हो सकती है। हालांकि किसी भी दवा को अचानक बंद नहीं करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा कम या बंद करें।
हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के जरूरी लाइफस्टाइल टिप्स
- BP नॉर्मल करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। रोजमर्रा की जिंदगी में हेल्दी आदतें शामिल करें और तनाव कम करने की कोशिश करें।
- नियमित एक्सरसाइज बीपी तो नॉर्मल रखने में मदद करती है। हफ्ते में कम से कम 5 दिन, 30 मिनट से 1 घंटे तक मॉडरेट एक्सरसाइज करें बीपी नॉर्मल रहेगा।
- हेल्दी डाइट का सेवन आपका बीपी नॉर्मल रखने में मदद करेगा। आप डाइट में ज्यादा नमक, ऑयली और प्रोसेस्ड फूड से बचें। संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
- स्मोकिंग छोड़ें बीपी नॉर्मल रहेगा। धूम्रपान ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।
- अच्छी नींद लें। रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसमें बताए गए घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां हर व्यक्ति पर एक जैसा असर नहीं करतीं। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर किसी भी दवा, हर्ब या उपचार को अपनाने से पहले डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के अपनी बीपी की दवाएं बंद या कम न करें।





