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PM Modi Italy Visit: न अमेरिका, न फ्रांस, इटली कैसे बना शराब का गढ़? जहां पहुंचे PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हालिया विदेश यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंचे, जहां पीएम मेलोनी ने खुद उनका स्वागत किया. पीएम के इस दौरे के साथ ही इटली चर्चा में आ गया है. और इटली की चर्चा एक और संदर्भ में होती रही है. वह है, वाइन. दुनिया में जब वाइन का नाम आता है तो आम लोगों के मन में फ्रांस सबसे पहले आता है. कुछ लोग अमेरिका को भी बड़ा खिलाड़ी मानते हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इटली ने सबको पीछे छोड़ दिया है. आज इटली दुनिया का सबसे बड़ा वाइन उत्पादक देश बन चुका है.

PM Modi Italy Visit: न अमेरिका, न फ्रांस, इटली कैसे बना शराब का गढ़? जहां पहुंचे PM मोदी
PM Modi Italy Visit: न अमेरिका, न फ्रांस, इटली कैसे बना शराब का गढ़? जहां पहुंचे PM मोदी

आइए, पीएम के इस दौरे के बहाने जानने की कोशिश करते हैं कि इटली कैसे बना वाइन का गढ़? उत्पादन में निकल सबसे आगे. अमेरिका और फ्रांस कैसे छूट गए पीछे. यह भी जानेंगे कि दुनिया के टॉप 10 वाइन उत्पादक देश कौन हैं?

इटली कैसे बना वाइन उत्पादन का केंद्र

इटली में सदियों से अंगूर की खेती होती रही है. यहां के किसान पीढ़ियों से वाइन बना रहे हैं. देश के लगभग हर हिस्से में अंगूर उगाए जाते हैं. पहाड़ी इलाके, समुद्री हवा और संतुलित मौसम अंगूर की गुणवत्ता बढ़ाते हैं. इटली में छोटे पारिवारिक फार्म से लेकर बड़े उद्योग तक वाइन उत्पादन करते हैं. यही वजह है कि यहां परंपरा और आधुनिकता दोनों साथ दिखाई देती हैं.

इटली में छोटे पारिवारिक फार्म से लेकर बड़े उद्योग तक वाइन उत्पादन करते हैं.

इटली हर साल औसतन 45 से 55 मिलियन हेक्टोलीटर वाइन का उत्पादन करता है. मौसम और फसल के आधार पर यह आंकड़ा बदलता रहता है. अंतरराष्ट्रीय कृषि और वाइन संगठनों की रिपोर्ट पर भरोसा करें तो इटली ने साल 2023 में लगभग 45 मिलियन हेक्टोलीटर वाइन बनाई. अच्छे मौसम वाले वर्षों में उत्पादन 50 मिलियन हेक्टोलीटर से भी ऊपर चला जाता है. एक हेक्टो लीटर का मतलब सौ लीटर होता है.

मौसम और अंगूर की प्रजाति से हुआ लाभ

इटली की जलवायु वाइन के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है. यहां गर्म दिन और ठंडी रातें अंगूर को बेहतर स्वाद देती हैं. देश के उत्तरी हिस्से में पहाड़ हैं. दक्षिणी हिस्से में समुद्री क्षेत्र है. इस विविधता के कारण अलग-अलग प्रकार के अंगूर उगाए जाते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि इटली में 500 से अधिक अंगूर की प्रजातियां मिलती हैं. यह संख्या दुनिया के कई देशों से कहीं ज्यादा है.

Khabar Monkey

इटली में 500 से अधिक अंगूर की प्रजातियां मिलती हैं.

फ्रांस क्यों पीछे रह गया?

फ्रांस लंबे समय तक वाइन उत्पादन में नंबर वन रहा, लेकिन हाल के वर्षों में वहां मौसम से जुड़ी समस्याएं बढ़ीं. कई बार ठंड, ओलावृष्टि और सूखे ने फसलों को नुकसान पहुंचाया. दूसरी ओर इटली ने नई तकनीक अपनाई. किसानों को सरकारी सहायता भी मिली. इससे उत्पादन लगातार बढ़ता गया. इसी कारण इटली ने फ्रांस को पीछे छोड़ दिया.

क्या है अमेरिका की स्थिति?

अमेरिका भी वाइन उत्पादन में बड़ा देश है. खासकर कैलिफोर्निया राज्य वाइन के लिए प्रसिद्ध है. यहां आधुनिक मशीनों और बड़े निवेश के कारण उत्पादन मजबूत है, लेकिन अमेरिका का उत्पादन इटली और फ्रांस से अभी भी कम है. साथ ही वहां उत्पादन लागत ज्यादा है. यही वजह है कि अमेरिका तीसरे स्थान के आसपास बना रहता है.

इटली की अर्थव्यवस्था में वाइन महत्वपूर्ण

इटली की अर्थव्यवस्था में वाइन उद्योग की बड़ी भूमिका है. लाखों लोग इस उद्योग से जुड़े हैं. खेती, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और पर्यटन जैसे कई सेक्टर इससे लाभ कमाते हैं. इटली की वाइन दुनिया के कई देशों में निर्यात होती है. यूरोप, अमेरिका और एशिया में इसकी बड़ी मांग है. भारत में भी इटालियन वाइन का बाजार धीरे-धीरे बढ़ रहा है. भारत भी इटली से वाइन आयात करता है.

पर्यटन को भी मिलता है फायदा

इटली में वाइन टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है. लोग अंगूर के खेत देखने जाते हैं. वहां वाइन बनाने की प्रक्रिया समझते हैं. कई फार्म पर्यटकों को रहने और खाने की सुविधा भी देते हैं. टस्कनी, पीडमोंट और वेनेटो जैसे इलाके वाइन पर्यटन के बड़े केंद्र हैं. यहां हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते हैं.

इटली की कौन सी वाइन है मशहूर

इटली कई खास वाइन के लिए जाना जाता है. इनमें किआंती, प्रोसेको और बारोलो काफी लोकप्रिय हैं. अलग-अलग क्षेत्रों की वाइन का स्वाद भी अलग होता है. इटली में वाइन सिर्फ पेय पदार्थ नहीं मानी जाती. यह वहां की संस्कृति का हिस्सा है. भोजन के साथ वाइन पीने की परंपरा काफी पुरानी है.

दुनिया के टॉप 10 वाइन उत्पादन वाले देश

अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार दुनिया में सबसे ज्यादा वाइन उत्पादन करने वाले देशों की सूची में निम्न देश शामिल हैं. इटली टॉप पर है. फ्रांस, स्पेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चिली, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी और पुर्तगाल क्रमशः इटली के बाद आते हैं. इन सभी देशों में बड़े पैमाने पर अंगूर की खेती होती है. यही वाइन का मुख्य आधार है.

स्पेन भी है बड़ा खिलाड़ी

स्पेन दुनिया के बड़े वाइन उत्पादकों में शामिल है. यहां विशाल अंगूर के बाग हैं। गर्म और शुष्क मौसम अंगूर की खेती के लिए अनुकूल माना जाता है. स्पेन की रेड वाइन काफी प्रसिद्ध है. यूरोप में इसकी अच्छी मांग रहती है.

ऑस्ट्रेलिया ने पिछले दो दशकों में तेजी से प्रगति की है. यहां तकनीक आधारित खेती पर जोर दिया गया. इसी कारण उत्पादन बढ़ा. चिली भी दक्षिण अमेरिका का बड़ा वाइन निर्यातक बन चुका है. वहां की जलवायु अंगूर के लिए अच्छी मानी जाती है.

भारत में भी बढ़ रहा वाइन बाजार

भारत में वाइन पीने वालों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है. महाराष्ट्र और कर्नाटक में अंगूर की खेती और वाइन उत्पादन बढ़ा है. नासिक को भारत की वाइन राजधानी कहा जाता है. हालांकि, भारत अभी दुनिया के बड़े उत्पादकों में शामिल नहीं है, लेकिन भविष्य में इस क्षेत्र में संभावनाएं दिखाई दे रही हैं.

आज वाइन उद्योग में नई तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. ड्रोन, मौसम पूर्वानुमान और आधुनिक सिंचाई से खेती आसान हुई है. इससे फसल का नुकसान कम हुआ है. इटली ने इन तकनीकों को तेजी से अपनाया. यही उसकी सफलता का बड़ा कारण माना जा रहा है.

दुनिया में बढ़ रही वाइन की मांग

वैश्विक बाजार में वाइन की मांग लगातार बढ़ रही है. युवा वर्ग नए स्वादों को पसंद कर रहा है. इसी कारण कई देश वाइन उद्योग में निवेश बढ़ा रहे हैं. इटली ने इस मौके का सबसे ज्यादा फायदा उठाया. उसने गुणवत्ता और ब्रांडिंग दोनों पर ध्यान दिया.

कम एवं सरल शब्दों में कहें तो माना जाएगा कि इटली ने मेहनत, परंपरा और तकनीक के दम पर दुनिया में वाइन उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया है. फ्रांस, स्पेन और अमेरिका जैसे देशों को पीछे छोड़ना आसान नहीं था, लेकिन इटली ने यह कर दिखाया. बेहतर मौसम, विविध अंगूर, मजबूत निर्यात और पर्यटन ने इटली को दुनिया का वाइन हब बना दिया है. आने वाले समय में भी इटली की स्थिति मजबूत रहने की संभावना है.

khabarmonkey@gmail.com

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PM Modi Italy Visit: न अमेरिका, न फ्रांस, इटली कैसे बना शराब का गढ़? सबको पीछे छोड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हालिया विदेश यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंचे, जहां पीएम मेलोनी ने खुद उनका स्वागत किया. पीएम के इस दौरे के साथ ही इटली चर्चा में आ गया है. और इटली की चर्चा एक और संदर्भ में होती रही है. वह है, वाइन. दुनिया में जब वाइन का नाम आता है तो आम लोगों के मन में फ्रांस सबसे पहले आता है. कुछ लोग अमेरिका को भी बड़ा खिलाड़ी मानते हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इटली ने सबको पीछे छोड़ दिया है. आज इटली दुनिया का सबसे बड़ा वाइन उत्पादक देश बन चुका है.

PM Modi Italy Visit: न अमेरिका, न फ्रांस, इटली कैसे बना शराब का गढ़? सबको पीछे छोड़ा
PM Modi Italy Visit: न अमेरिका, न फ्रांस, इटली कैसे बना शराब का गढ़? सबको पीछे छोड़ा

आइए, पीएम के इस दौरे के बहाने जानने की कोशिश करते हैं कि इटली कैसे बना वाइन का गढ़? उत्पादन में निकल सबसे आगे. अमेरिका और फ्रांस कैसे छूट गए पीछे. यह भी जानेंगे कि दुनिया के टॉप 10 वाइन उत्पादक देश कौन हैं?

इटली कैसे बना वाइन उत्पादन का केंद्र

इटली में सदियों से अंगूर की खेती होती रही है. यहां के किसान पीढ़ियों से वाइन बना रहे हैं. देश के लगभग हर हिस्से में अंगूर उगाए जाते हैं. पहाड़ी इलाके, समुद्री हवा और संतुलित मौसम अंगूर की गुणवत्ता बढ़ाते हैं. इटली में छोटे पारिवारिक फार्म से लेकर बड़े उद्योग तक वाइन उत्पादन करते हैं. यही वजह है कि यहां परंपरा और आधुनिकता दोनों साथ दिखाई देती हैं.

इटली में छोटे पारिवारिक फार्म से लेकर बड़े उद्योग तक वाइन उत्पादन करते हैं.

इटली हर साल औसतन 45 से 55 मिलियन हेक्टोलीटर वाइन का उत्पादन करता है. मौसम और फसल के आधार पर यह आंकड़ा बदलता रहता है. अंतरराष्ट्रीय कृषि और वाइन संगठनों की रिपोर्ट पर भरोसा करें तो इटली ने साल 2023 में लगभग 45 मिलियन हेक्टोलीटर वाइन बनाई. अच्छे मौसम वाले वर्षों में उत्पादन 50 मिलियन हेक्टोलीटर से भी ऊपर चला जाता है. एक हेक्टो लीटर का मतलब सौ लीटर होता है.

मौसम और अंगूर की प्रजाति से हुआ लाभ

इटली की जलवायु वाइन के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है. यहां गर्म दिन और ठंडी रातें अंगूर को बेहतर स्वाद देती हैं. देश के उत्तरी हिस्से में पहाड़ हैं. दक्षिणी हिस्से में समुद्री क्षेत्र है. इस विविधता के कारण अलग-अलग प्रकार के अंगूर उगाए जाते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि इटली में 500 से अधिक अंगूर की प्रजातियां मिलती हैं. यह संख्या दुनिया के कई देशों से कहीं ज्यादा है.

इटली में 500 से अधिक अंगूर की प्रजातियां मिलती हैं.

फ्रांस क्यों पीछे रह गया?

फ्रांस लंबे समय तक वाइन उत्पादन में नंबर वन रहा, लेकिन हाल के वर्षों में वहां मौसम से जुड़ी समस्याएं बढ़ीं. कई बार ठंड, ओलावृष्टि और सूखे ने फसलों को नुकसान पहुंचाया. दूसरी ओर इटली ने नई तकनीक अपनाई. किसानों को सरकारी सहायता भी मिली. इससे उत्पादन लगातार बढ़ता गया. इसी कारण इटली ने फ्रांस को पीछे छोड़ दिया.

क्या है अमेरिका की स्थिति?

अमेरिका भी वाइन उत्पादन में बड़ा देश है. खासकर कैलिफोर्निया राज्य वाइन के लिए प्रसिद्ध है. यहां आधुनिक मशीनों और बड़े निवेश के कारण उत्पादन मजबूत है, लेकिन अमेरिका का उत्पादन इटली और फ्रांस से अभी भी कम है. साथ ही वहां उत्पादन लागत ज्यादा है. यही वजह है कि अमेरिका तीसरे स्थान के आसपास बना रहता है.

इटली की अर्थव्यवस्था में वाइन महत्वपूर्ण

इटली की अर्थव्यवस्था में वाइन उद्योग की बड़ी भूमिका है. लाखों लोग इस उद्योग से जुड़े हैं. खेती, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और पर्यटन जैसे कई सेक्टर इससे लाभ कमाते हैं. इटली की वाइन दुनिया के कई देशों में निर्यात होती है. यूरोप, अमेरिका और एशिया में इसकी बड़ी मांग है. भारत में भी इटालियन वाइन का बाजार धीरे-धीरे बढ़ रहा है. भारत भी इटली से वाइन आयात करता है.

पर्यटन को भी मिलता है फायदा

इटली में वाइन टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है. लोग अंगूर के खेत देखने जाते हैं. वहां वाइन बनाने की प्रक्रिया समझते हैं. कई फार्म पर्यटकों को रहने और खाने की सुविधा भी देते हैं. टस्कनी, पीडमोंट और वेनेटो जैसे इलाके वाइन पर्यटन के बड़े केंद्र हैं. यहां हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते हैं.

इटली की कौन सी वाइन है मशहूर

इटली कई खास वाइन के लिए जाना जाता है. इनमें किआंती, प्रोसेको और बारोलो काफी लोकप्रिय हैं. अलग-अलग क्षेत्रों की वाइन का स्वाद भी अलग होता है. इटली में वाइन सिर्फ पेय पदार्थ नहीं मानी जाती. यह वहां की संस्कृति का हिस्सा है. भोजन के साथ वाइन पीने की परंपरा काफी पुरानी है.

दुनिया के टॉप 10 वाइन उत्पादन वाले देश

अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार दुनिया में सबसे ज्यादा वाइन उत्पादन करने वाले देशों की सूची में निम्न देश शामिल हैं. इटली टॉप पर है. फ्रांस, स्पेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चिली, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी और पुर्तगाल क्रमशः इटली के बाद आते हैं. इन सभी देशों में बड़े पैमाने पर अंगूर की खेती होती है. यही वाइन का मुख्य आधार है.

स्पेन भी है बड़ा खिलाड़ी

स्पेन दुनिया के बड़े वाइन उत्पादकों में शामिल है. यहां विशाल अंगूर के बाग हैं। गर्म और शुष्क मौसम अंगूर की खेती के लिए अनुकूल माना जाता है. स्पेन की रेड वाइन काफी प्रसिद्ध है. यूरोप में इसकी अच्छी मांग रहती है.

ऑस्ट्रेलिया ने पिछले दो दशकों में तेजी से प्रगति की है. यहां तकनीक आधारित खेती पर जोर दिया गया. इसी कारण उत्पादन बढ़ा. चिली भी दक्षिण अमेरिका का बड़ा वाइन निर्यातक बन चुका है. वहां की जलवायु अंगूर के लिए अच्छी मानी जाती है.

भारत में भी बढ़ रहा वाइन बाजार

भारत में वाइन पीने वालों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है. महाराष्ट्र और कर्नाटक में अंगूर की खेती और वाइन उत्पादन बढ़ा है. नासिक को भारत की वाइन राजधानी कहा जाता है. हालांकि, भारत अभी दुनिया के बड़े उत्पादकों में शामिल नहीं है, लेकिन भविष्य में इस क्षेत्र में संभावनाएं दिखाई दे रही हैं.

आज वाइन उद्योग में नई तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. ड्रोन, मौसम पूर्वानुमान और आधुनिक सिंचाई से खेती आसान हुई है. इससे फसल का नुकसान कम हुआ है. इटली ने इन तकनीकों को तेजी से अपनाया. यही उसकी सफलता का बड़ा कारण माना जा रहा है.

दुनिया में बढ़ रही वाइन की मांग

वैश्विक बाजार में वाइन की मांग लगातार बढ़ रही है. युवा वर्ग नए स्वादों को पसंद कर रहा है. इसी कारण कई देश वाइन उद्योग में निवेश बढ़ा रहे हैं. इटली ने इस मौके का सबसे ज्यादा फायदा उठाया. उसने गुणवत्ता और ब्रांडिंग दोनों पर ध्यान दिया.

Khabar Monkey

कम एवं सरल शब्दों में कहें तो माना जाएगा कि इटली ने मेहनत, परंपरा और तकनीक के दम पर दुनिया में वाइन उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया है. फ्रांस, स्पेन और अमेरिका जैसे देशों को पीछे छोड़ना आसान नहीं था, लेकिन इटली ने यह कर दिखाया. बेहतर मौसम, विविध अंगूर, मजबूत निर्यात और पर्यटन ने इटली को दुनिया का वाइन हब बना दिया है. आने वाले समय में भी इटली की स्थिति मजबूत रहने की संभावना है.

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