शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 ब्रेकिंग
‘वोट का अधिकार छीनने के लिए पहले SIR, फिर SSR कराया’, अखिलेश का आरोप​ | Diwali Puja में मां लक्ष्मी को क्यों चढ़ाते हैं खील-बताशे, जानिए इसके पीछे का धार्मिक महत्व​ | कुछ मिनट का फन पड़ सकता है भारी! बच्चों को खेलने की इन 5 चीजों से रखना चाहिए दूर​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

ये है शेयर बाजार की ताकत, पाकिस्तान की GDP से 13 गुना हुई भारतीय कंपनियों की वैल्यू, इतना बड़ा है आंकड़ा​

दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में बीते एक हफ्ते से तूफानी तेजी देखने को मिल रही है. इस तेजी के चलते देश की सभी लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 500 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है. बाजार में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों […]

दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में बीते एक हफ्ते से तूफानी तेजी देखने को मिल रही है. इस तेजी के चलते देश की सभी लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 500 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है. बाजार में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे हैं.

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप बढ़कर 502 लाख करोड़ रुपए हो गया. पिछले पांच कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में कुल 35,781 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं. वहीं, पिछले कारोबारी सत्र में ही FIIs ने 14,796 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की. यह पिछले 6 साल में किसी एक दिन में विदेशी निवेशकों की सबसे बड़ी खरीदारी है.

पाकिस्तान की GDP से 13 गुना मार्केट कैप

यह आंकड़ा पाकिस्तान की जीडीपी से करीब 13 गुना बैठता है. वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान की 2025 की जीडीपी 407 बिलियन अमेरिकी डॉलर है. जो भारतीय रुपए में करीब 38 लाख करोड़ बैठती है. यानी भारती कंपनियों का मार्केट कैप पाकिस्तान की जीडीपी से लगभग 13 गुना हो जाता है. लेकिन ध्यान रखने वाली बात ये है कि GDP आंकड़े पर आधारित तुलनात्मक उदाहरण है और समझने के लिए है. मार्केट कैप और GDP अलगअलग आर्थिक माप हैं.

दुनियाभर के बाजारों में गिरावट, फिर भी भारत में तेजी

भारतीय बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब दुनिया के कई बड़े शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. AI को लेकर बढ़ते नियमों और संभावित पाबंदियों की आशंका से विदेशी बाजारों में निवेशकों की चिंता बढ़ी है. इसका असर अमेरिका के टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक, दक्षिण कोरिया के कोस्पी और ताइवान के ताइएक्स पर भी पड़ा. इन बाजारों में करीब 6% तक की गिरावट आई. कुछ बाजारों में गिरावट इतनी ज्यादा रही कि कारोबार रोकने के लिए सर्किट ब्रेकर तक लगाने पड़े.

इसके उलट भारतीय बाजार ने इस गिरावट के बीच मजबूती दिखाई. निफ्टी 50 और सेंसेक्स दोनों में तेजी बनी हुई है. पिछले 5 कारोबारी सत्रों में दोनों प्रमुख इंडेक्स करीब 6% चढ़ चुके हैं. वहीं, नवंबर महीने में अब तक इनमें लगभग 8% की बढ़त दर्ज की गई है.

लार्जकैप शेयरों ने संभाला बाजार

बाजार में आई इस तेजी का सबसे ज्यादा फायदा बड़ी कंपनियों यानी लार्जकैप शेयरों को मिला है. कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों और उम्मीद से ज्यादा कमाई ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. इससे पहले बाजार में स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में ज्यादा तेजी देखने को मिल रही थी. हालांकि, बाजार के जानकार लगातार कह रहे थे कि बड़ी कंपनियों के शेयरों की कीमत अभी आकर्षक स्तर पर है. इसी वजह से विदेशी निवेशकों का पैसा अब बड़े शेयरों की तरफ बढ़ा है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY