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यूपी में लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का प्रहार: 5 डॉक्टर बर्खास्त, एक सीएमओ समेत 16 के खिलाफ कार्रवाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और अनुशासनहीनता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई चिकित्साधिकारियों को बर्खास्त करने और विभागीय दंड देने के आदेश जारी किए हैं। इस कार्रवाई के तहत लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले 5 चिकित्साधिकारियों को सेवा से सीधे बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि एक मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) सहित 16 अन्य के विरुद्ध कठोर विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही शुरू की गई है।

यूपी में लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का प्रहार: 5 डॉक्टर बर्खास्त, एक सीएमओ समेत 16 के खिलाफ कार्रवाई
यूपी में लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का प्रहार: 5 डॉक्टर बर्खास्त, एक सीएमओ समेत 16 के खिलाफ कार्रवाई

सेवा से सीधी बर्खास्तगी

उपमुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) को निर्देश दिए हैं कि चिकित्सकीय कार्यों से विरत रहने तथा अपनी ड्यूटी से बिना सूचना के अनधिकृत रूप से लंबे समय तक लगातार अनुपस्थित रहने के दोषी निम्नलिखित 5 चिकित्साधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया जाए:

  1. डॉ. अलकनन्दा, चिकित्साधिकारी, जिला चिकित्सालय, गोरखपुर
  2. डॉ. रामजी भरद्वाज, चिकित्साधिकारी, अधीन सीएमओ, कुशीनगर
  3. डॉ. सौरभ सिंह, चिकित्साधिकारी, अधीन मुख्य चिकित्साधिकारी, बलरामपुर
  4. डॉ. विकलेश कुमार शर्मा, सीएचसी-जगदीशपुर, अमेठी
  5. डॉ. मोनिका वर्मा, सीएचसी-दिबियापुर, औरैया

पंजीकरण में अनियमितता और पद का दुरुपयोग

निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों के पंजीकरण व नवीनीकरण प्रक्रिया में जानबूझकर अनियमितता बरतने और शासनादेशों का उल्लंघन करने के गंभीर मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी, अंबेडकर नगर डॉ. संजय कुमार शैवाल और डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। तीन सदस्यीय समिति (जिसमें एडीएम भी शामिल थे) की प्राथमिक जांच में दोनों पर व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए फाइलें स्वीकृत करने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप सिद्ध हुए।

स्पष्टीकरण और अन्य सख्त कदम

  • हरदोई: पीसी-पीएनडीटी/एफआरयू का कार्य देख रहे चिकित्सा अधीक्षक सण्डीला, डॉ. मनोज कुमार सिंह के खिलाफ जिले में नियमविरुद्ध चल रहे निजी अस्पतालों पर कार्रवाई न करने की लापरवाही में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कनिष्ठ अधिकारी से वरिष्ठ पद का कार्य कराए जाने पर सीएमओ, हरदोई से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
  • प्रयागराज: सीएचसी-मेजा के अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर पर सीएचसी-कोरांव में पूर्व तैनाती के दौरान प्रशासनिक लापरवाही, अधीनस्थों पर नियंत्रण न रख पाने और अन्य गंभीर शिकायतों पर विभागीय कार्यवाही शुरू कर उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया है।

चिकित्सकीय लापरवाही के मामले

  • सुल्तानपुर: सीएचसी-लम्भुआ में एक महिला के इलाज में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह, चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मराज और फार्मासिस्ट श्री अवधनारायण के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के आदेश।
  • मथुरा: जिला चिकित्सालय में मारपीट के एक मामले में गलत मेडिको-लीगल रिपोर्ट तैयार करने की लापरवाही पर इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. देवेन्द्र कुमार और सर्जन डॉ. विकास मिश्रा के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही शुरू।

अनुशासनहीनता और अभद्रता पर कार्रवाई

राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूं के अस्थिरोग विभाग में तैनात सह-आचार्य डॉ. रितुज अग्रवाल द्वारा एक महिला चिकित्साधिकारी और एक अन्य अधिकारी के साथ गाली-गलौज और अभद्रता के मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध भी विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, स्टेट हेल्थ एजेंसी में प्रतिनियुक्त डॉ. आदित्य पाण्डेय की सहकर्मी के प्रति अमर्यादित भाषा और अशोभनीय व्यवहार के कारण तत्काल प्रभाव से प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें मूल तैनाती स्थल (सीएमओ कार्यालय, रायबरेली) वापस भेजने के साथ ही विभागीय कार्यवाही संस्थित कर दी गई है।

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वेतनवृद्धि रोकने और परिनिन्दा का दण्ड

विभिन्न स्तरों पर लापरवाही और अनियमितताओं की पुष्टि होने पर कई चिकित्साधिकारियों पर आर्थिक और प्रशासनिक दंड लगाया गया है:

  • डॉ. लालमणि, स्त्री रोग विशेषज्ञ, जिला महिला चिकित्सालय, हमीरपुर की आजमगढ़ में पूर्व तैनाती के दौरान प्रसूताओं से वसूली और अभद्रता के दोष में 03 वेतनवृद्धियां स्थायी रूप से रोकते हुए परिनिन्दा का दण्ड।
  • डॉ. सन्तोष सिंह (सीएमओ कार्यालय, बलरामपुर) की 04 तथा डॉ. निशा बुन्देला (सीएमओ कार्यालय, झांसी) की 02 वेतनवृद्धियां रोकते हुए परिनिन्दा का दण्ड।
  • डॉ. पवन साहू, आर्थोसर्जन, ट्रॉमा सेंटर, मोठ, झांसी के प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप सिद्ध होने पर 02 वेतनवृद्धियां रोकने और परिनिन्दा के आदेश।

इसके अलावा, डॉ. अन्नू चन्द्रा (बलरामपुर), डॉ. शिवेश जायसवाल (वाराणसी), डॉ. राजेश कुमार वर्मा व डॉ. अरूण कुमार (बदायूं), डॉ. गणेश कुमार (खीरी), डॉ. अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, डॉ. जानकीश चन्द्र शंखधर (सम्भल) सहित कुल दो चिकित्साधिकारियों को परिनिन्दा का दण्ड दिया गया है। यह सख्त कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है।

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