खाने में एडेड शुगर से लेकर छुपी हुई शुगर तक शामिल होती है और कई बार हमें इसके चलते पता तक नहीं चलता है कि एक दिन में कितनी शुगर हमारे शरीर में पहुंच गई है. अगर बहुत ज्यादा मीठा खाया जाए तो ये किसी जहर से कम नहीं माना जाता है. इससे हमारे ओवरऑल शरीर पर असर होता है और कुछ अंग इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं. इससे आगे चलकर गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर आप भी मीठा खाने के शौकीन हैं और अलगअलग तरहों से रोजाना अच्छी खासी शुगर खा लेते हैं तो जान लें कि इससे आपकी सेहत पर क्या असर होगा.

एक्सपर्ट ने बताया है कि शुगर किस तरह से आपके अंगों पर असर डालती हैं और इससे आपकी सेहत को आगे चलकर किस तरह के नुकसान होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. उनका कहना है कि हमें अपनी डाइट में एडेड और हिडन शुगर को बैलेंस करने की बेहद जरूरत होती है. चलिए जान लेते हैं डिटेल में.
कई अंगों पर शुगर का बुरा असर
उत्तर प्रदेश में डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर मीरा पाठक कहती हैं कि अगर हम अपनी डाइट में ज्यादा शुगर खाते हैं तो उसका प्रभाव हमारे शरीर के किसी एक अंग पर नहीं पड़ता, बल्कि पूरे मेटाबॉलिक सिस्टम पर पड़ता है, जैसे लिवर, पैंक्रियाज, दांत, ब्रेन, किडनी जैसे अंगों पर शुगर बहुत बुरा असर डालती है.इससे आगे चलकर मोटापे, हाइपरटेंशन, डायबिटीज की संभावना बढ़ जाती है.
टाइप 2 डायबिटीज का खतरा
एक्सपर्ट कहती हैं कि जब हम बारबार ज्यादा शुगर का सेवन करते हैं तो बॉडी में इंसुलिन नाम के हार्मोन की मांग बढ़ जाती है. इस वजह से बॉडी के सेल्स में इंसुलिन रजिस्टेंस होता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है.
फैटी लिवर हो सकता है
डॉक्टर मीरा पाठक का कहना है कि इसी तरह से ही अगर लिवर में एक्स्ट्रा शुगर स्टोर होने लगता है तो फैटी लिवर होने के चांस बढ़ जाते हैं. मीठा ज्याद खाने से मुंह में भी बैक्टीरिया बढ़ते हैं, क्योंकि ये इनके लिए फ्यूल की तरह काम करता है. इससे दांतों में कीड़े यानी कैविटी होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है.
दिलब्रेन पर पड़ता है बुरा असर
इसी तरह से जब हाई शुगर लंबे समय तक हमारे शरीर में रहती है तो कोलेस्ट्रॉल और लिपिड प्रोफाइल पर भी असर पड़ता है. हार्ट पर और ब्लड वेसेल्स पर नेगेटिव असर पड़ने से ब्लड प्रेशर होने का जोखिम भी बढ़ जाता है. ब्रेन में खासकर इसका असर बहुत सटल तरीके से पड़ता है, जैसे कि उसमें इंफ्लामेशन और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाने जैसी दिक्कत हो सकती है. इसकी वजह से आगे चलकर ब्रेन की फंक्शनिंग घट सकती है और मेमोरी पर असर पड़ता है. दरअसल मीठा खाने से हमारे ब्रेन में रिवॉर्ड पाथवे एक्टिवेट हो जाता है, जिससे और ज्यादा मीठे की क्रेविंग बढ़ती है. इससे हमारी बॉडी के अंदर नुकसान होने की संभावना और भी बढ़ जाती है.
डाइट में शुगर करें बैलेंस
हम जो खाना खाते हैं उसमें भी कई चीजों में नेचुरली काफी शुगर पाई जाती हैं. ऐसे में एक्सपर्ट कहती हैं कि इसलिए हमेशा हमें कोशिश करनी चाहिए का डाइट में एडेड शुगर कम होनी चाहिए. जैसे देखा जाए तो पैक्ड नारियल पानी, पैक्ड जूस या फिर कैरल्स, ब्रेड, बिस्कुट में हिडन शुगर होती है. इससे भी हमें बचकर रहना चाहिए. अपनी डाइट में मिठास को हमेशा बैलेंस रखें ताकि हेल्दी रहा जा सके.