रविवार, 27 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
Pitru Paksha में वर्जित सब्जियों के इस्तेमाल से लग सकता है पितृ दोष, सात्विक रखें थाली​ | Gowahati CJP Leader Detained: गोवाहाटी में आशुतोष रांका समेत कई CJP वर्कर्स हिरासत में, हिमंता सरकार पर भड़के अभिजीत दिपके, आज होनी थी वॉलंटियर्स की मीटिंग​ | चुनावों से पहले मायावती का बड़ा फैसला, बसपा को तीन सेक्टर में बांटा; ईशान आनंद को भी जिम्मेदारी​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

मिडिल ईस्ट में जंग, भारत में ऑयल सेफ्टी! रूस ने बताया- इंडियन इकोनॉमी पर क्यों नहीं पड़ा असर​

रूस के डिप्टीफॉरेन मिनिस्टर आंद्रे रुदेंको ने भारत को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि जब मिडिल ईस्ट में वॉर की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद था, तब रूसी तेल सप्लाई ने भारत को संकट से उबारने में मदद की. जिसकी वजह से मॉस्को भारत के लिए एक भरोसेमंद एनर्जी पार्टनर साबित हुआ. […]

रूस के डिप्टीफॉरेन मिनिस्टर आंद्रे रुदेंको ने भारत को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि जब मिडिल ईस्ट में वॉर की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद था, तब रूसी तेल सप्लाई ने भारत को संकट से उबारने में मदद की. जिसकी वजह से मॉस्को भारत के लिए एक भरोसेमंद एनर्जी पार्टनर साबित हुआ. रुदेंको ने हाल ही में कहा कि मास्को मुश्किल जियो पॉलिटिकज हालात में भी अपने पार्टनर की मांग पूरी कर सकता है. रुदेंको ने इस हफ्ते रूसी समाचार आउटलेट NEWS.ru को बताया कि भारत और रूस के बीच मौजूदा व्यवस्थाओं ने ग्लोबल एनर्जी ट्रेड में रुकावट के असर को “काफी हद तक कम” करने में मदद की. रुदेंको ने रूस के सहयोग से बने कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट का भी जिक्र किया और कहा कि रूसी डिजाइन वाले न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए जल्द ही एक और जगह तय की जाएगी.

अगस्त में दोगुनी हुई थी तेल सप्लाई

होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही में रुकावट आने के बाद यहां की तेल रिफाइनरीज ने रूसी कच्चे तेल का इंपोर्ट बढ़ा दिया. संघर्ष शुरू होने के बाद मार्च 2026 में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात पिछले महीने की तुलना में लगभग दोगुना होकर 2.25 मिलियन बैरल प्रति दिन हो गया और यह भारत की कुल तेल खरीद का आधा हिस्सा था. खबरों के मुताबिक, युद्ध के बाद खाड़ी देशों से भारत को होने वाली सप्लाई में भारी गिरावट आई.

क्या कहते हैं आंकड़े?

रुदेंको का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत, रूस और ईरान पर लगे प्रतिबंधों के कानून को लेकर अमेरिका के सामने चिंताएं उठा रहा है, और यूक्रेनी नेता व्लादिमीर जेलेंस्की ने नए अमेरिकी प्रतिबंध कानून के तहत रूस के तेल व्यापार को रोकने की मांग की है. कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म Kpler के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारत को रूसी तेल की सप्लाई लगभग 2.1 मिलियन bpd थी और सितंबर में यह लगभग 1.9 मिलियन bpd है. भारत सरकार का कहना है कि अपनी 1.4 अरब आबादी के लिए सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा सुनिश्चित करने के लिए कई सप्लायर की जरूरत है, और उसने ऐसी पाबंदियों के खिलाफ चेतावनी दी है जो ग्लोबल एनर्जी मार्केट को खराब या सीमित कर सकती हैं.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY