Gold Silver Outlook: भारत में त्योहारों का सीजन दस्तक दे चुका है. धनतेरस व दिवाली को लेकर सर्राफा बाजार सजने लगे हैं. लेकिन इस बार सोनेचांदी की ऊंची कीमतों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. सवाल ये है कि क्या महंगे सोने के बीच बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़ेगी या फिर सुस्ती छाई रहेगी. बाजार के जानकारों का मानना है कि त्योहारों पर सोना खरीदना भारतीयों की परंपरा का अहम हिस्सा है. इसलिए मांग तो रहेगी, लेकिन लोगों के खरीदारी करने के तरीके में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है.

महंगे सोने के बीच बदला खरीदारी का तरीका
भारत में धनतेरस के मौके पर सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. कामा ज्वैलरी के एमडी कॉलिन शाह बताते हैं कि ऐतिहासिक रूप से इन त्योहारों पर सोने की मांग हमेशा से मजबूत रही है. इसकी वजह सोने से जुड़ा हमारा सांस्कृतिक महत्व है. हालांकि सोने के दाम ऊंचे होने के कारण ग्राहक अब अपनी जरूरत व बजट के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं. आजकल लोग भारीभरकम गहनों के बजाय हल्की तथा आधुनिक डिजाइन वाली ज्वैलरी ज्यादा पसंद कर रहे हैं. ये डिजाइन दिखने में अच्छे होते हैं व आम आदमी के बजट में भी आसानी से फिट हो जाते हैं.
पुराने गहनों से नई ज्वैलरी बनाने पर जोर
बजट को कंट्रोल में रखने के लिए ग्राहक एक और समझदारी भरा तरीका अपना रहे हैं. कॉलिन शाह के मुताबिक बाजार में पुराने सोने के बदले नया सोना लेने का चलन काफी बढ़ गया है. खरीदार अपनी पुरानी ज्वैलरी देकर उसके बदले नए डिजाइन के गहने बनवा रहे हैं. इससे उन पर एकमुश्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता व त्योहार की परंपरा भी पूरी हो जाती है. शादियों के सीजन में भी इसी तरह की मांग देखने को मिल रही है. ग्राहकों की औसत खरीदारी 1.5 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये के बीच है. पिछले साल की तरह इस बार भी मुख्य त्योहारी सीजन में बिक्री 15 से 20 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
ग्लोबल मार्केट से तय हो रही बाजार की चाल
सोने की कीमतों पर सिर्फ घरेलू मांग का ही नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट का भी सीधा असर पड़ता है. वेंचुरा के कमोडिटी प्रमुख एनएस रामास्वामी के मुताबिक सोना अभी कई विदेशी कारकों के बीच फंसा हुआ है. अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों के कारण सोने में निवेश का आकर्षण थोड़ा कम हुआ है, लेकिन दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं. इससे बाजार को एक बड़ा सपोर्ट मिल रहा है. वहीं लेमन के रिसर्च हेड गौरव गर्ग बताते हैं कि रुपये की कमजोरी के कारण भी भारत में सोने के दाम ऊंचे बने हुए हैं.
चांदी की कीमतों में भी दिख रहा बड़ा बदलाव
सोने की तरह चांदी को लेकर भी बाजार में हलचल है. रिद्धिसिद्धि बुलियन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर पृथ्वीराज कोठारी का कहना है कि मजबूत डॉलर ने कीमती धातुओं पर दबाव जरूर बनाया है, लेकिन चांदी में सुधार भी देखने को मिल रहा है. चांदी की कीमतों में ज्यादा उतारचढ़ाव रहता है, क्योंकि इसकी मांग सिर्फ गहनों के लिए नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल काम के लिए भी होती है. आगे चलकर विदेशी नीतियां भले ही दाम तय करें, लेकिन भारत में धनतेरस, दिवाली व शादियों का सीजन सोनेचांदी की असली मांग को मजबूत सहारा देता रहेगा.