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मनमानी फीस बढ़ाना पड़ा भारी! नोएडा के 7 स्कूलों पर बड़ा एक्शन, नियम तोड़ने पर 7 लाख का लगा जुर्माना​

Noida News: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात निजी स्कूलों पर कुल सात लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया है. जिला शुल्क नियामक समिति ने शैक्षिक सत्र 202627 के लिए निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ाने और शुल्क विनियमन नियमों का […]

Noida News: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात निजी स्कूलों पर कुल सात लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया है. जिला शुल्क नियामक समिति ने शैक्षिक सत्र 202627 के लिए निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ाने और शुल्क विनियमन नियमों का उल्लंघन करने के मामले में यह कार्रवाई की है. प्रशासन के इस कदम को अभिभावकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.

सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय अधिनियम, 2018 के तहत निजी स्कूलों द्वारा की गई फीस वृद्धि की समीक्षा की गई. समिति ने पाया कि वर्ष 202627 के लिए अधिकतम 7.23 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ाने की अनुमति थी, लेकिन छह स्कूलों ने इस सीमा का उल्लंघन करते हुए निर्धारित प्रतिशत से अधिक फीस वसूली.

इन स्कूलों पर हुई कार्रवाई

जिन स्कूलों पर कार्रवाई की गई है उनमें एपीजे स्कूल , स्पर्श ग्लोबल स्कूल , रामाज्ञा स्कूल , विश्व भारती स्कूल , श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल और सेंट जॉन्स स्कूल शामिल हैं. इन सभी पर एकएक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

इसके अलावा बाल भारती पब्लिक स्कूल, सेक्टर21 नोएडा पर भी एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया. जांच में सामने आया कि स्कूल ने शैक्षिक वर्ष 202526 का फीस स्ट्रक्चर अपनी वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया था और कम्पोजिट फीस के अलावा अभिभावकों से अलग से एनुअल चार्ज भी वसूला जा रहा था, जो नियमों के विरुद्ध है.

45 स्कूलों को थमाया नोटिस

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई से पहले कुल 45 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किए गए थे और शुल्क विनियमन अधिनियम का पालन करने के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद सात स्कूलों ने नियमों का उल्लंघन किया. समिति ने इसे पहली बार का उल्लंघन मानते हुए प्रत्येक स्कूल पर एकएक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है.

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगातार निगरानी रखी जाएगी. यदि भविष्य में कोई भी स्कूल निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ और अधिक कड़ी कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. इससे जिले के निजी स्कूलों को शुल्क विनियमन कानून का सख्ती से पालन करने का संदेश भी गया है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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