India Bhutan Relations: भारत व भूटान की दोस्ती अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है. दोनों पड़ोसी देशों ने आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. इसमें सबसे ज्यादा फोकस विकास, कनेक्टिविटी, डिजिटल पेमेंट से लेकर ऊर्जा सेक्टर पर रखा गया है. ये समझौते न सिर्फ दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देंगे, बल्कि आम लोगों की जिंदगी को भी सीधा फायदा पहुंचाएंगे.

ऊर्जा सेक्टर में बड़ा निवेश
भारत ने हमेशा अपने पड़ोसियों के विकास में मदद की है. इसी कड़ी में भूटान के ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के लिए 4,000 करोड़ रुपये की कंसेशनल लाइन ऑफ क्रेडिट का ऐलान किया गया है. इसके साथ ही 500 किलोवाट क्षमता वाले लुनाना हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की नींव भी रखी गई है. दोनों देश पहले से ही पुनात्सांगछूI, पुनात्सांगछूII जैसी बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं. इन प्रोजेक्ट्स में हो रही प्रगति दोनों देशों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी.
रेल नेटवर्क से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कनेक्टिविटी पर खास जोर दिया जा रहा है. गेलिफूकोकराझार से लेकर समत्सेबनारहाट तक रेल लिंक का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. असम के हातिसार में एक नया इमिग्रेशन चेक पोस्ट बनाया जाएगा. इससे गेलिफू आने वाले निवेशकों को काफी सहूलियत मिलेगी. असम के समरांग में नया लैंड कस्टम्स स्टेशन भी शुरू हो गया है. ये सभी कदम आवाजाही को बहुत आसान बना देंगे.
डिजिटल पेमेंट का नया दौर
डिजिटल इंडिया का डंका अब भूटान में भी बज रहा है. सबसे अच्छी खबर ये है कि अब भूटानी नागरिक अपने मोबाइल ऐप के जरिए भारत में यूपीआई से पेमेंट कर सकेंगे. इससे भारत आने वाले भूटानी पर्यटकों व छात्रों को कैश ले जाने की झंझट से मुक्ति मिलेगी. शिक्षा के मोर्चे पर भी भारत ने बड़ा दिल दिखाया है. आईसीसीआर स्कॉलरशिप की सीटें 30 से बढ़ाकर 60 कर दी गई हैं. नालंदा यूनिवर्सिटी में भी भूटानी छात्रों के लिए सीटें 30 से बढ़ाकर 55 कर दी गई हैं.
व्यापार में मिलेगी नई छूट
दोनों देशों ने कारोबार को आसान बनाने के लिए भी अहम फैसले लिए हैं. भारत ने भूटान से 17 खास तरह की लकड़ियों के निर्यात को मंजूरी दे दी है. दुनिया भर में सप्लाई चेन की दिक्कतों के बावजूद, भारत ने भूटान को पेट्रोल, डीजल के साथ एलपीजी की लगातार सप्लाई का भरोसा दिया है. वहीं, भूटान ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 202829 के लिए भारत की गैरस्थायी सदस्यता का समर्थन किया है.