रात के सन्नाटे में अचानक बच्चे के रोने जैसी आवाज सुनाई देती है, लेकिन बाहर देखने पर पता चलता है कि वो बिल्ली है. सर्दियों के मौसम में खासतौर पर ऐसा होता है. रोने की आवाज कई बार बेहद डराने और परेशान करने वाली होती है. अब सवाल है कि बिल्लियां इतनी तेज और डरा देने वाली आवाज में क्यों रोती है.

बिल्लियां इंसानों से बात करने के लिए ऐसी आवाजें निकालना सीख गई हैं, जिन पर हम सहज रूप से ध्यान देते हैं. कुछ रिसर्च के हवाले से बताया जाता है कि बिल्ली की म्याऊं की पिच अक्सर इंसानी बच्चे के रोने की फ्रीक्वेंसी के आसपास होती है. इसी वजह से हम तुरंत सुनने लगते हैं और रोने की आवाज इंसानों जैसी सुनाई देती है.
पालतू बिल्लियां जल्दी समझ जाती हैं कि ऐसी आवाज पर इंसान खाना, ध्यान या दुलार देता है. आवारा बिल्लियां भी आसपास के लोगों से संवाद करने के लिए ऐसी आवाजें निकालती हैं, लेकिन इसके पीछे सिर्फ यही कारण नहीं होता.
भूख या प्यास
बच्चे जैसी आवाज की सबसे आम वजह भूख है. जिन बिल्लियों को तय समय पर खाने की आदत होती है, वे समय बदलने या भूख लगने पर जोर से म्याऊं करती हैं. ऐसी आवाज बारबार और ऊंची पिच की होती है. अक्सर रसोई, कटोरे या मुख्य दरवाजे के पास आती है.
बच्चे के जैसी आवाज में रोने की सबसे आम वजह भूख है. फोटो: Pexels
अगर घर की बिल्ली ऐसा कर रही है तो उसके खाने का समय तय रखें और साफ पानी हमेशा उपलब्ध रखें. आवारा बिल्लियों के लिए खाना मुख्य दरवाजे से दूर किसी सुरक्षित जगह पर रखें.
ध्यान और प्यार पाने की चाहत
विज्ञान कहता है, बिल्लियां जितनी मानी जाती हैं उससे ज्यादा मिलनसार होती हैं. अगर वे खुद को नजरअंदाज महसूस करें या ऊब जाएं, तो भावुक आवाज में रोकर आपका ध्यान खींचती हैं. वे आपके पीछेपीछे घूमती हैं, सहलाना बंद करने पर रोती हैं या कमरे में आते ही म्याऊं करती हैं. अगर ऐसा होता है तो उनके साथ खेलें.
मेटिंग का व्यवहार
मेटिंग के समय मादा बिल्ली लंबी और खिंची हुई आवाज में रोती है. फर्श पर लोटती है और परेशान लगती है, जबकि उसे दर्द नहीं होता. नर बिल्लियां जवाब में जोर से चिल्लाती हैं और बेचैन होकर घूमती हैं. ये आवाजें खासकर रात में सुनाई देती हैं.
मेटिंग के समय मादा बिल्ली लंबी और खिंची हुई आवाज में रोती है. फोटो: Pexels
दर्द, बीमारी या बेचैनी
बिल्लियां दर्द छिपाने में माहिर होती हैं, इसलिए रोना उनके तकलीफ बताने के गिनेचुने तरीकों में से एक है. चोट, दांतों की समस्या, मूत्र मार्ग की दिक्कत, पाचन की परेशानी और बुजुर्ग बिल्लियों में हाइपरथायरॉइडिज्म इसकी वजहें हो सकती हैं. यही वजह है कि बिना किसी साफ वजह के अचानक रोने लगती हैं. साथ में छिपना, सुस्ती या चिड़चिड़ापन भी दिख सकता है.
अगर पालतू बिल्ली एक दिन से ज्यादा असामान्य रूप से रोती रहे, तो तुरंत पशु चिकित्सक को दिखाएं. आवारा बिल्ली लगातार रोती दिखे, तो स्थानीय पशु संगठन या वेटरनरी क्लिनिक से संपर्क करें.
कई बार भूखे बिल्ली के बच्चे अपनी मां को पुकारते हैं.
बुजुर्ग बिल्लियों में भ्रम और घबराहट
उम्रदराज बिल्लियों में फेलाइन कॉग्निटिव डिसफंक्शन हो सकता है, जो इंसानों में डिमेंशिया जैसी स्थिति है. इसमें वे रात में भटका हुआ महसूस करती हैं. संकेत हैं धीमी, भारी आवाज में चिल्लाना, अंधेरे कोनों में रोना, बिना मकसद घूमना. अगर ऐसा है तो रात में नाइट लाइट जलाकर रखें. माहौल शांत रखें. जरूरत हो तो डॉक्टर से सप्लीमेंट या दवा के बारे में सलाह लें.
बाहर रोने वाली आवारा बिल्लियों का क्या?
रात में बाहर सुनाई देने वाली आवाजें अक्सर मेटिंग के दौरान में आई मादा बिल्लियों की होती हैं. कई बार भूखे बिल्ली के बच्चे अपनी मां को पुकारते हैं या कोई बिल्ली भूखी, घायल या बीमार होती है. सुरक्षित तरीके से मदद के लिए खानापानी मुख्य दरवाजे से दूर रखें, ताकि भीड़ न लगे. कोई बिल्ली घायल या बीमार लगे तो पशु संगठन से संपर्क करें.