सिनेमाजगत में कैमरा के पीछे काम करने वालों से जुड़ी एक चिंताजनक बात सामने आई है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलॉयज (FWICE) के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने एक खुलासा किया है। उन्होंने कैमरा के पीछे काम करने वाले लोगों की परेशानियों पर बात की है। उनके इस बयान ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है।

इंडस्ट्री के बिगड़ते हालातों के बारे में बात करते हुए उन्होंने यह तक कहा कि अगर कुछ बातों पर ध्यान नहीं दिया गया तो मजदूर सड़कों पर आ जाएंगे। ऐसा उन्होंने क्यों कहा चलिए बताते है।
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सैलेरी के लिए परेशान फिल्मी इंडस्ट्री के मजदूर
बड़े पर्दे पर हर हफ्ते फिल्में रिलीज होती हैं। उन फिल्मों में काम करने वालों की जेबें जहां भरती जा रहीं है तो वहीं कैमरा के पीछे काम करने वाले लोग अपनी समय पर सैलेरी के लिए भी परेशान हो रहे है। ये खुलासा खुद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलॉयज के अघ्यक्ष बीएन तिवारी ने किया और इसका जिम्मेदार ओटीटी प्लेटफॉर्म को भी बताया।
अध्यक्ष ने एएनआई से बात करते हुए कहा, ‘इंडस्ट्री के हालात काफी खराब है। जॉब्स कम है पेमेंट देरी से हो रही है और वर्कर्स को घंटो घंटो काम करना पड़ रहा है। ऐसा ही चलता रहा तो लोग सड़कों पर आ जाएंगे।’
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ओटीटी को ठहराया जिम्मेदार
तिवारी ने कहा, ‘स्पाट बॉय से लेकर आर्ट डायरेक्टर और छोटे आर्टिस्ट बिना समय सीमा देखे 20-20 घंटे काम कर रहे है। जिसके लिए उन्हें पेमेट भी सही से नहीं मिल रही है। 20 घंटे काम करने के बाद मजदूरों को 8 घंटे की बेसिक पेमेंट भी नसीब नहीं हो रही है। लोगों को काम चाहिए, उन्हें खाना चाहिए। लोग उनके घर आते जाते रहते है उन्हें सैलेरी से समझौता करना पड़ता है इसलिए वह कम पैसों में भी काम करने के लिए मान जाते है।’
उन्होंने आगे बताया कि कैसे ओटीटी ने इन हालातों को और ज्यादा बुरा कर दिया। अध्यक्ष ने कहा, ‘पेमेंट डिले की सबसे बड़ी समस्या ओटीटी प्लेटफॉर्म के साथ होता है। कभी कभी महीनों बाद पैसे मिलते है और तब तक कंपनी और निर्माता का पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है।’





