फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ की रिलीज की तैयारी कर रहीं कियारा आडवाणी ने हाल ही में मां बनने के अपने अनुभवों पर खुलकर बात की। जुलाई 2025 में बेटी सरायाह मल्होत्रा के जन्म के बाद उनकी जिंदगी में आए बदलावों को याद करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि मां बनने का सफर जितना खूबसूरत है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी।

बॉम्बे टाइम्स के साथ बात करते हुए कियारा ने कहा कि कोई भी महिला वास्तव में इस बात के लिए तैयार नहीं होती कि बच्चे के जन्म के बाद उसके शरीर और मन में कितने बड़े बदलाव आते हैं। उनके मुताबिक, पोस्टपार्टम का दौर भावनात्मक और मानसिक रूप से काफी कठिन हो सकता है, लेकिन इस पर अक्सर खुलकर चर्चा नहीं होती। उन्होंने बताया कि इस दौरान महिलाओं को अपराधबोध, मानसिक उलझनों और शारीरिक बदलावों का सामना करना पड़ता है, जिन्हें समझना हर किसी के लिए आसान नहीं होता।
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अभिनेत्री का मानना है कि मातृत्व किसी महिला की जिंदगी का सबसे बड़ा परिवर्तन होता है। गर्भधारण से लेकर बच्चे को जन्म देने और उसकी देखभाल तक, एक मां कई स्तरों पर बदलावों से गुजरती है। ऐसे में परिवार और समाज का सहयोग बेहद जरूरी हो जाता है। कियारा ने कहा कि आज की सफल महिलाओं के पीछे अक्सर दूसरी महिलाओं का मजबूत समर्थन भी होता है।
प्रेग्नेंसी के बाद बदल जाता है लोगों का नजरिया
कियारा ने समाज में महिलाओं के प्रति मौजूद दोहरे रवैये पर भी बात की। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान लोगों की तारीफों की कमी नहीं होती। हर कोई महिला की चमक और खूबसूरती की चर्चा करता है, लेकिन बच्चे के जन्म के तुरंत बाद वही लोग उसके वजन और शरीर को लेकर टिप्पणी करने लगते हैं।
उनके अनुसार, गर्भवती महिला को देवी की तरह देखा जाता है, लेकिन डिलीवरी के बाद उससे उम्मीद की जाती है कि वह तुरंत पहले जैसी फिट दिखने लगे। जबकि वास्तविकता यह है कि बच्चे के जन्म के बाद का समय महिला के लिए सबसे कठिन होता है और उसी दौर में उसे सबसे ज्यादा समर्थन और देखभाल की जरूरत होती है।
“एक मां को भी पालने के लिए पूरे गांव की जरूरत होती है”
कियारा ने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि बच्चे को बड़ा करने के लिए पूरे गांव की जरूरत पड़ती है, लेकिन सच यह है कि एक नई मां को संभालने और उसका हौसला बढ़ाने के लिए भी उतने ही लोगों की जरूरत होती है। इस दौरान महिला अपनी नई पहचान को समझने और मां, पत्नी, बेटी जैसी कई भूमिकाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही होती है।
उन्होंने उन सभी महिलाओं का आभार भी जताया जिन्होंने उनसे पहले मातृत्व का यह सफर तय किया और आने वाली पीढ़ियों के लिए राह आसान बनाई।
बेटी सरायाह के आने के बाद बदल गया घर का माहौल
घर की जिंदगी में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कियारा ने मुस्कुराते हुए कहा कि अब घर पर सरायाह का ही राज चलता है। उनके खिलौने और खेलने का सामान पूरे घर में फैला रहता है, जबकि वह और सिद्धार्थ उसी दुनिया के बीच अपनी जगह तलाशते हैं। अभिनेत्री के मुताबिक, बेटी के आने के बाद उनका घर पूरी तरह उसके इर्द-गिर्द घूमने लगा है और यही उनकी जिंदगी की सबसे खूबसूरत सच्चाई है।












