Adhik Maas Bhanu Saptami 2026 Date: हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन सूर्य देव की उपासना करने का विधान है। बता दें कि जब सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है तो उसे भानु सप्तमी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने से आरोग्यता, सुख-समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कि अधिक मास की भानू सप्तमी कब मनाई जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त और योग क्या रहेगा।

भानु सप्तमी 2026 डेट और मुहूर्त
ज्येष्ठ अधिक मास की भानु सप्तमी 7 जून 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन सूर्य देव की आराधना के लिए अति उत्तम माना जाता है। भानु सप्तमी के दिन सूर्य देव की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त 04 बजकर 02 मिनट से 04 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
भानु सप्तमी पूजा विधि
धार्मिक मान्यता है कि भानु सप्तमी के दिन ही भगवान सूर्य देव अपने सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर पहली बार प्रकट हुए थे। इस दिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल, लाल चंदन, और लाल फूल अर्पित करने से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर उगते हुए सूर्य को ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें। इसके बाद गेहूं, तांबा, लाल कपड़े या गुड़ का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। जिन लोगों को सेहत से जुड़ी परेशानियां या त्वचा संबंधी रोग रहते हैं, उन्हें भानु सप्तमी के दिन सूर्य आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए। वहीं अगर भानु सप्तमी का व्रत कर रहे हैं तो फलाहार ही करें। तो इस दिन किसी भी तरह के नमक का सेवन न करें।
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भानु सप्तमी का महत्व
भानु सप्तमी को रवि सप्तमी या विवस्वत सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन मध्याहन के समय यानि दोपहर के समय सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। इस दिन सूर्य भगवान की पूजा करने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सूर्य देव की यह पूजा मनुष्य की आयु और आरोग्य की वृद्धि कराने वाली धन-धान्य में वृद्धि कराने वाली मानी जाती है।
सूर्य देव के इन मंत्र को करें जाप
- ॐ सूर्याय नमः
- ॐ घृणि सूर्याय नमः
- ॐ भास्कराय नम:
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः
- ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ
- ॐ आदित्याय नम:
- ऊं रवये नम:
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)












