शनिवार, 8 अगस्त 2026 ब्रेकिंग
हाई बीपी में कितना नमक खाना चाहिए? जानें सही मात्रा​ | पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल पर हाहाकार, सड़कों पर उतरे ट्रांसपोर्टर; IMF पर भी भड़का गुस्सा​ | डेटा आपका, दर्द आपका और दौलत इनकी… ‘छात्रों की गूंज’ में सरकार पर बरसे राहुल​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल पर हाहाकार, सड़कों पर उतरे ट्रांसपोर्टर; IMF पर भी भड़का गुस्सा​

पाकिस्तान में पेट्रोलडीजल की बढ़ती कीमतों और नए पेट्रोलियम लेवी के खिलाफ गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है. माल ढुलाई से जुड़े ट्रांसपोर्टरों ने देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 459 रुपये और डीजल 520.35 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है. वहीं, प्रदर्शनकारी सरकार की आर्थिक […]

पाकिस्तान में पेट्रोलडीजल की बढ़ती कीमतों और नए पेट्रोलियम लेवी के खिलाफ गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है. माल ढुलाई से जुड़े ट्रांसपोर्टरों ने देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 459 रुपये और डीजल 520.35 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है. वहीं, प्रदर्शनकारी सरकार की आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं.

महंगे ईंधन के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल

पाकिस्तानी दैनिक अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में ट्रक, ट्रेलर और तेल टैंकर संचालकों समेत माल ढुलाई से जुड़े ट्रांसपोर्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. उनकी मांग है कि डीजल की कीमत कम की जाए, मोटरवे टोल घटाए जाएं और विदहोल्डिंग टैक्स में राहत दी जाए. इसके अलावा एक्सललोड नियमों को पूरे देश में एक समान लागू करने और 10व्हील वाहनों को 35 टन तक माल ले जाने की अनुमति देने की मांग भी की गई है. सरकार और ट्रांसपोर्टरों के बीच शुक्रवार को बातचीत बेनतीजा रही, जिसके बाद हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया गया.

पेट्रोलडीजल की कीमतों ने बढ़ाई परेशानी

पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बढ़ी अस्थिरता और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े आपूर्ति संकट का असर बताया गया है. अप्रैल में पेट्रोल 459 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, जबकि डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर हो गई थी. सड़क परिवहन में डीजल की बड़ी भूमिका होने के कारण इसकी कीमत बढ़ने से सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की लागत भी बढ़ती है. इसी बीच सरकार की ओर से पेट्रोलियम लेवी लगाए जाने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है.

पेट्रोलियम लेवी पर सड़कों पर उतरे लोग

पेट्रोलियम लेवी को लेकर पाकिस्तान में जमातएइस्लामी ने भी देशभर में विरोध प्रदर्शन किए. कराची, लाहौर, पेशावर, क्वेटा, इस्लामाबाद, रावलपिंडी और एबटाबाद समेत कई शहरों में प्रदर्शन, रैलियां और धरने हुए. पार्टी प्रमुख हाफिज नईमुर रहमान ने पेट्रोलियम लेवी वापस लेने और ईंधन की कीमतें कम करने की मांग की. उन्होंने सरकार के इस तर्क को भी खारिज किया कि लेवी में कटौती पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से जुड़ी प्रतिबद्धताओं के खिलाफ जा सकती है.

हड़ताल लंबी चली तो आम लोगों पर क्या असर?

ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल लंबी चलती है तो इसका असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा. ट्रक और ट्रेलर देशभर में खाद्य पदार्थ, उपभोक्ता सामान और औद्योगिक कच्चा माल पहुंचाते हैं, जबकि तेल टैंकर ईंधन की सप्लाई करते हैं. इनके पहिए रुकने से सामान की आवाजाही में देरी और परिवहन लागत बढ़ सकती है. इसका असर आगे चलकर सामान की कीमतों पर पड़ सकता है. तेल टैंकरों की भागीदारी से पेट्रोल पंप और दूसरे वितरण केंद्रों तक ईंधन की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है.

आईएमएफ को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

पाकिस्तान की आर्थिक नीतियां अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से हुए समझौतों से भी जुड़ी हैं. सरकार का कहना है कि राजस्व बढ़ाने के कुछ उपाय वित्तीय लक्ष्यों और आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी हैं. इसी वजह से पेट्रोलियम लेवी विवाद का बड़ा मुद्दा बन गई है. जमातएइस्लामी प्रमुख हाफिज नईमुर रहमान ने लेवी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए आईएमएफ का हवाला देने पर कड़ा विरोध जताया. अब सरकार और ट्रांसपोर्ट प्रतिनिधियों के बीच सोमवार को होने वाली बातचीत पर नजर है. बातचीत सफल होती है तो माल ढुलाई शुरू हो सकती है, लेकिन गतिरोध जारी रहा तो इसका असर ईंधन, खाद्य आपूर्ति और खुदरा कीमतों तक पहुंच सकता है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY