अगर आप या आपके परिवार में कोई सदस्य नसों के दर्द (Nerve Pain), मिर्गी (Epilepsy) या अत्यधिक एंग्जायटी (Anxiety) से राहत पाने के लिए ‘प्रेगाबालिन’ (Pregabalin) सॉल्ट वाली दवाइयां लेता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने बिना डॉक्टरी पर्चे के इन दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्रेगाबालिन को ‘शेड्यूल एच1’ (Schedule H1) दवाओं की श्रेणी में शामिल कर दिया है, जिसके बाद अब इन दवाओं की बिक्री और डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। आइए जानते हैं कि Schedule H1 क्या होता है? Schedule H1 की दवाओं के नियम क्या हैं और Pregabalin को Schedule H1 में क्यों शामिल किया गया?

Pregabalin साल्ट कौन-कौन सी बीमारियों का करती है इलाज
- इस साल्ट की दवा का इस्तेमाल डायबिटीज मरीज (Diabetic Neuropathy) नसों की परेशानी का इलाज करने के लिए करते हैं। रीढ़ की हड्डी की समस्या में होने वाले नसों के असहनीय दर्द का इलाज करने के लिए भी इस दवा का इस्तेमाल होता है।
- मिर्गी के दौरों को कंट्रोल करने के लिए अन्य दवाओं के साथ इसका सेवन किया जाता है।
- एंग्जायटी का इलाज करने में इसका इस्तेमाल किया जाता है। अत्यधिक मानसिक तनाव और घबराहट को शांत करने के लिए ये दवा असरदार है।
- फाइब्रोमायल्जिया का इलाज करती है Pregabalin दवा, ये पूरे शरीर में होने वाली मांसपेशियों और नसों के क्रोनिक पेन को कंट्रोल करती है।
क्या होता है Schedule H1?
भारत में दवाओं की बिक्री और इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए Ministry of Health and Family Welfare ने Drugs Rules, 1945 के तहत कुछ खास श्रेणियां बनाई हैं। इनमें से एक है Schedule H1। Schedule H1 में ऐसी दवाएं शामिल होती हैं, जिनका गलत इस्तेमाल सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसलिए इन दवाओं की बिक्री और खरीद पर सख्त निगरानी रखी जाती है।
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Schedule H1 की दवाओं के नियम
ये दवाएं बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बेची जा सकतीं।
मेडिकल स्टोर को दवा बेचने का पूरा रिकॉर्ड रखना होता है।
रिकॉर्ड में मरीज का नाम, डॉक्टर का नाम और बेची गई दवा की मात्रा दर्ज करनी पड़ती है।
अब इस दवा के पत्ते (Strip) पर लाल रंग की पट्टी (Rx) और सावधान करने वाली चेतावनी साफ-साफ लिखी होगी।
Schedule H1 क्यों बनाया गया?
सरकार ने एंटीबायोटिक्स, मानसिक रोगों और नसों से जुड़ी कुछ दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए यह श्रेणी बनाई थी। इसका मकसद दवाओं के दुरुपयोग, लत और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी समस्याओं को कम करना है।
शेड्यूल H1 में आने के बाद अब क्या बदलेगा?
शेड्यूल H1 में आने के बाद अब दवा को खरीदने के लिए डॉक्टर का पर्चा अनिवार्य होगा। अब मेडिकल स्टोर वाले बिना Valid Prescription के यह दवा नहीं दे सकेंगे।
Pregabalin को Schedule H1 में क्यों शामिल किया गया?
Pregabalin का इस्तेमाल नसों के दर्द, मिर्गी और एंग्जायटी जैसी समस्याओं में किया जाता है। हाल के वर्षों में इसके गलत इस्तेमाल और बिना डॉक्टर सलाह सेवन के मामले बढ़ने की चिंता के चलते सरकार ने इसे Schedule H1 में शामिल किया है।
डिस्क्लेमर : यह लेख केवल सामान्य जानकारी और सरकारी अधिसूचना पर आधारित है। प्रेगाबालिन (Pregabalin) एक प्रिस्क्रिप्शन ड्रग है। कृपया डॉक्टर की सलाह और वैध पर्चे के बिना इस दवा का सेवन कतई न करें। खुद से दवा लेना सेहत के लिए गंभीर रूप से नुकसानदेह हो सकता है।





