रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ 2025 और 2026 की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफिस सफलताओं में से एक बनकर उभरी। इसके दोनों पार्ट ने मिलकर दुनिया भर में तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की, जिससे यह फ्रेंचाइजी भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में शामिल हो गई। जियो स्टूडियोज की सह-निर्माता ज्योति देशपांडे ने अब हाल ही में बताया कि फिल्म की बढ़ती लागत को संभालने के लिए निर्माताओं ने एक रिस्क-शेयरिंग मॉडल अपनाया था।
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इसमें रणवीर सिंह और निर्देशक आदित्य धर ने भी जोखिम और जिम्मेदारी शेयर की। उन्होंने यह भी बताया कि जो कहानी शुरू में एक ही फिल्म के रूप में बनाई जा रही थी, उसे बाद में दो भागों में बदलने का फैसला लिया गया। इससे कहानी को बेहतर ढंग से पेश करने और बड़े स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिली। ईटी डिजिटल से बातचीत में ज्योति देशपांडे ने उन क्रिएटिव और व्यावसायिक फैसलों के बारे में बताया, जिन्होंने इस सुपरहिट फ्रेंचाइजी को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।
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रणवीर सिंह और आदित्य धर ने चुनी बैकएंड डील्स
ज्योति ने कहा कि रणवीर सिंह और आदित्य धर ने फिल्म के लिए शुरुआत में कम फीस लेने का फैसला किया और बैकएंड डील्स के जरिए फिल्म के मुनाफे में हिस्सा लिया। निर्माता ने कहा, “धुरंधर में रणवीर कम फीस और एक बैकएंड डील के साथ आए थे और इसलिए उन्हें इस अरेंजमेंट से फायदा हुआ।
आदित्य के साथ भी ऐसा ही था, जो एक छोटी फिक्स्ड फीस और एक बैकएंड डील के साथ आए थे। आखिर में उन्होंने हमारे साथ मिलकर काफी अच्छा मुनाफा कमाया। इसी तरह आप रिस्क और रिवॉर्ड, दोनों को शेयर करते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि इस रणनीति से फिल्म से जुड़े सभी लोगों का फिल्म की सफलता में सीधा हित जुड़ गया। यानी, केवल शुरुआत में बड़ी फीस लेने के बजाय, सभी की कमाई फिल्म की सफलता पर भी निर्भर थी।
लगभग दोगुना हो गया था धुरंधर का बजट
ज्योति देशपांडे के अनुसार, ‘धुरंधर’ को बनाने में आखिरकार शुरुआती बजट से लगभग दोगुना खर्च हुआ। उन्होंने कहा, “धुरंधर के लिए हमने पूरी ताकत लगा दी। फिल्म को बनाने में लगभग दोगुना पैसा खर्च हो गया, जितना हमने शुरुआत में सोचा था। बाद में यह कहानी दो भागों वाली फिल्म बन गई, इसलिए यह एक लंबी यात्रा बन गई। आखिर में हम सभी खुशी-खुशी मुनाफा कमाकर लौटे।”
निर्माता ने बताया कि फिल्म का बढ़ा हुआ बजट और बड़ा स्तर आखिरकार फायदेमंद साबित हुआ। ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: रिवेंज’ दोनों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की और बड़ी कमाई की। इससे फिल्म में लगाया गया अतिरिक्त पैसा वसूल हो गया और सभी को अच्छा लाभ मिला।
क्यों ‘धुरंधर’ की कहानी को दो फिल्मों में बांटा गया
इंटरव्यू के दौरान ज्योति देशपांडे ने बताया कि ‘धुरंधर’ को शुरू में एक ही फिल्म के रूप में लिखा और योजना बनाई गई थी। इसे किसी फ्रेंचाइजी के रूप में नहीं सोचा गया था। उन्होंने कहा, “धुरंधर एक ही कहानी के रूप में लिखी गई थी। इसे एक ही फिल्म के तौर पर बनाया और उसी हिसाब से बजट तय किया गया था। लेकिन पहले शूटिंग शेड्यूल के पूरा होने के बाद हमें एहसास हुआ कि बजट हमारी योजना से ज्यादा हो चुका है।”
ज्योति ने बताया कि पहले शेड्यूल की शूटिंग देखने के बाद टीम को लगा कि कहानी में इतना दम है कि इसे दो फिल्मों में दिखाया जा सकता है। जब पहले शेड्यूल से जो फुटेज सामने आई, वह बहुत शानदार थी। कहानी जिस तरह आगे बढ़ रही थी, उससे हमें लगा कि इसे दो भागों में बनाया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआत में दो फिल्में बनाने का फैसला तय नहीं था।
ज्योति ने कहा, “जब हमने इस प्रोजेक्ट में पैसा लगाने का फैसला किया था, तब इसे दो फिल्मों में बनाने की कोई पक्की योजना नहीं थी। यह फैसला हमने काम के दौरान लिया। हमें पहले ही निवेश करना पड़ा, जबकि उस समय सफलता की पूरी गारंटी नहीं थी। लेकिन हमें इसकी संभावनाओं पर भरोसा था और हमने उसी दिशा में काम किया।”
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