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11 से घटकर 3 रह गया… इस्तीफा देने आए अन्नामलाई को भाजपा ने दिल्ली में ही क्यों रोका?

11 से घटकर 3 रह गया… इस्तीफा देने आए अन्नामलाई को भाजपा ने दिल्ली में ही क्यों रोका?

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई के इस्तीफे को लेकर संशय अब भी बना हुआ है. पहले खबर आई थी कि उन्होंने मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. इसके साथ ही उन्होंने एक रिपोर्ट भी दी है, जिसमें राज्य के विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार के कारण बताए गए हैं. हालांकि, अन्नामलाई या भाजपा की तरफ से औपचारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है. सब अटकलें, सूत्रों और अंदरखाने की चर्चा है. अन्नामलाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले हैं और संभवत: इस्तीफा देने के अपने फैसले की वजह भी बता चुके हैं.

11 से घटकर 3 रह गया… इस्तीफा देने आए अन्नामलाई को भाजपा ने दिल्ली में ही क्यों रोका?
11 से घटकर 3 रह गया… इस्तीफा देने आए अन्नामलाई को भाजपा ने दिल्ली में ही क्यों रोका?

पता चला है कि अन्नामलाई से भाजपा नेतृत्व ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ही अभी रुकने को कहा है. अंदरखाने पार्टी में मंथन तेज हो गया है. पार्टी आलाकमान अपने धाकड़ नेता को जाने नहीं देना चाहता है. ऐसे में, फौरन तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन को दिल्ली बुला लिया गया है. वह मंगलवार शाम ही तिरुवनंतपुरम से दिल्ली के लिए निकल गए थे.

भाजपा सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि पार्टी आश्वस्त है कि शाह और नवीन से मिलने के बाद अन्नामलाई का मन बदल गया है. हालांकि, अन्नामलाई के कुछ करीबी और समर्थक कह रहे हैं कि उनका फैसला नहीं बदला है.

भाजपा में किस बात से नाराज हैं अन्ना?
अन्नामलाई ने अपने कथित पत्र में केंद्रीय नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया है कि उन्होंने लगभग चार साल तक प्रदेश अध्यक्ष बने रहने का मौका दिया. रिपोर्टों की मानें तो अन्नामलाई ने उसी रिपोर्ट में अपनी नाराजगी भी खुलकर जाहिर कर दी है. उन्होंने इस बात पर दुख जताया है कि पार्टी के भीतर उन्हें बाद में साइडलाइन कर दिया गया.

वो आंकड़ा, जो भाजपा को खल रहा
अन्नामलाई ने पार्टी नेतृत्व से कहा है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का वोट शेयर 11 प्रतिशत था, जो हाल में हुए विधानसभा चुनावों में घटकर सिर्फ 3 प्रतिशत रह गया है. उन्होंने इस गिरावट की वजह AIADMK के साथ गठबंधन-जैसे कुछ गलत फैसलों को बताया. विधानसभा में पार्टी की ताकत 2021 के चार विधायकों से घटकर अब सिर्फ एक रह गई है.

पूर्व IPS अधिकारी के करीबियों ने बताया है कि उन्होंने कुछ महीने पहले ही पार्टी छोड़ने और क्षेत्रीय आकांक्षाओं पर आधारित नई राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला किया. उन्हें लगता है कि राष्ट्रीय पार्टी का हिस्सा होने की वजह से उनके आगे बढ़ने की गुंजाइश सीमित हो जाती है.

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माना जा रहा है कि जब वह नई पार्टी बना लेंगे, तो भाजपा के भीतर दूसरी पंक्ति के नेताओं और कार्यकर्ताओं का पलायन हो सकता है. आज यानी 3 जून को अन्नामलाई खुद अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं. आज ही भाजपा नेतृत्व उनसे फिर मुलाकात कर सकता है.

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