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दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत, सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज में की 80% तक की कटौती

दिल्ली सरकार ने आम लोगों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज यानी IFC में तकरीबन 80% तक की कटौती है. अब मकान मालिकों को खपत के हिसाब से IFC चार्ज देना होगा. जिस बिल्डिंग पर पहले 16 लाख का IFC चार्ज लगता था अब महज 2 लाख ही भरने होंगे.

दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत, सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज में की 80% तक की कटौती
दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत, सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज में की 80% तक की कटौती

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि IFC चार्ज यानी इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज, जब आप अपना कोई घर या बिल्डिंग बनाते हैं तो दिल्ली जल बोर्ड पानी और सीवर की लाइन बिछाने का लेता था. ये परिवार के लोगों की संख्या और इस्तेमाल के आधार से होता था। लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने एरिया के हिसाब से लगा दिया. भले ही दो लोग रहते हो. उन्होंने कहा कि 2019 में आम आदमी पार्टी की सरकार ने पर स्क्वायर फीट के हिसाब से कर दिया गया. जोकि 5/6 गुना था. अब हमने इसको सिंपल किया किया है.

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उदाहरण के तौर पर जिसे पहले 16 लाख IFC चार्ज जमा कराना पड़ता था अब 4 दिन बाद महज 2.5 लाख ही जमा कराना होगा. आपको जब MCD से नक्शा पास करना होता था तो तभी जल बोर्ड से IFC की NOC लेनी पड़ती थी. प्रवेश वर्मा ने कहा कि ये हमारा चुनावी वायदा भी था. हमने लोगों को कहा था कि आप केवल 25% चार्ज जमा करवा दीजिए. अगर सरकार ने 80% की छूट दी तो बाकी बचा हुआ पैसा हम पानी के बिल में जमा एडजस्ट कर देंगे. ऐसा पहली बार हुआ है कि स्कीम के आने से पहले ही फायदा दिया गया.

ये हुए प्रमुख बदलाव

  1. पानी और सीवर हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जेज (IFC) पानी की मांग के आधार पर लगाए जाएंगे.
  2. IFC केवल नई डेवलपमेंट या किसी संपत्ति में अतिरिक्त निर्माण पर लागू होगा. ऐसे रीडेवलपमेंट मामलों में IFC लागू नहीं होगा, जहां पानी की मांग में कोई बदलाव नहीं है.
  3. गैर-FAR और अनकवर्ड क्षेत्रों को पानी की मांग और IFC की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा.
  4. E एवं F श्रेणी की कॉलोनियों में स्थित सभी संपत्तियों को 50% की छूट तथा G एवं H श्रेणी की कॉलोनियों में स्थित संपत्तियों को 70% की छूट दी जाएगी.
  5. IFC केवल उन यूनिट्स पर लगाया जाएगा, जिनका प्लॉट आकार 200 वर्गमीटर से अधिक है.
  6. 200 वर्गमीटर से अधिक प्लॉट आकार का निर्धारण कन्वेयंस डीड, सेल डीड, रजिस्टर्ड GPA, एग्रीमेंट टू सेल आदि दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा.
  7. अनधिकृत कॉलोनियों में रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट के साइन किए प्लान मान्य होंगे.
  8. 200 वर्गमीटर से अधिक प्लॉट पर निर्मित 50 वर्गमीटर या उससे कम आकार की आवासीय इकाइयों को पानी एवं सीवर के नेट IFC पर अतिरिक्त 50% की छूट दी जाएगी.
  9. आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 12AB के अंतर्गत पंजीकृत संस्थानों तथा धार्मिक स्थलों को पानी एवं सीवरेज के नेट IFC पर अतिरिक्त 50% की छूट मिलेगी.
  10. जिन संस्थागत एवं व्यावसायिक संपत्तियों में Zero Sewerage Discharge Infrastructure मौजूद होगा, उन्हें लागू सीवर IFC पर 50% की छूट दी जाएगी, बशर्ते CPCB/DPCC मानकों के अनुसार Zero Liquid Discharge STP स्थापित एवं संचालित हो.
  11. यदि STP संचालन में नहीं पाया जाता है, तो इस प्रावधान के तहत दी गई IFC छूट पर प्रतिदिन 0.05% की दर से जुर्माना लगाया जाएगा.
khabarmonkey@gmail.com

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