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थाईलैंड ओपन में सिल्वर जीतने के बाद सात्विक-चिराग ‘मलेशिया मास्टर्स’ से हटे, जानिए क्या है कारण?

Badminton News: थाईलैंड ओपन में रविवार को सिल्वर मेडल जीतने के बाद भारत की टॉप मेंस डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने आगामी मलेशिया मास्टर्स में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। थाईलैंड ओपन के फाइनल तक शानदार प्रदर्शन करने के बाद, यह जोड़ी अब अपने शेड्यूल को सावधानी से मैनेज कर रही है।

थाईलैंड ओपन में सिल्वर जीतने के बाद सात्विक-चिराग ‘मलेशिया मास्टर्स’ से हटे, जानिए क्या है कारण?
थाईलैंड ओपन में सिल्वर जीतने के बाद सात्विक-चिराग ‘मलेशिया मास्टर्स’ से हटे, जानिए क्या है कारण?

रविवार को सिल्वर मेडल से संतोष करने के बाद, इस भारतीय जोड़ी ने बताया कि वह मलेशिया में मुकाबला नहीं करेंगे। यह जोड़ी टूर के सिंगापुर, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया लेग में वापसी करेगी। रेड्डी ने मुकाबले के बाद कहा, “हम मलेशिया में नहीं खेल रहे हैं। हम सिंगापुर, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में खेल रहे हैं।”

यह फैसला तब आया, जब ने थाईलैंड में अभियान के दौरान अपनी लय और आत्मविश्वास को फिर से हासिल किया। हालांकि, गोल्ड मेडल मैच में उन्हें इंडोनेशिया के लियो रॉली कार्नांडो और डेनियल मार्थिन के हाथों 12-21, 23-25 से शिकस्त झेलनी पड़ी।

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जहां पहला गेम तेजी से हाथ से निकल गया, वहीं भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की। उन्होंने चार चैंपियनशिप प्वाइंट्स बचाए, लेकिन आखिर में वे थोड़े से अंतर से हार गए। शेट्टी ने माना कि वहां के हालात की तेज गति के कारण जोड़ी को शुरुआत में जमने में मुश्किल हुई। रेड्डी ने माना कि हाल के महीनों में उनका आत्मविश्वास कम हुआ था, लेकिन उन्हें लगा कि उनकी जोड़ी धीरे-धीरे अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर की ओर लौट रही है।

रेड्डी ने कहा, “आज के दिन को छोड़कर, जिस तरह से हमने खेला, मुझे लगता है कि हम अपनी पुरानी लय वापस पा रहे हैं। मुझे लगता है कि हमें कोर्ट पर 50-50 खेलने के बजाय खुद पर ज्यादा भरोसा और आत्मविश्वास रखना चाहिए। मुझे लगता है कि शुरुआत से ही, जब हम कोर्ट पर उतरते हैं तो हमारा आत्मविश्वास 50 प्रतिशत होता है। लेकिन पहले, एक साल पहले, हमारा आत्मविश्वास हमेशा 90 प्रतिशत होता था, लेकिन अब हम वह आत्मविश्वास वापस पा रहे हैं। इस हफ्ते हमने जिस तरह से खेला, उससे मैं बहुत खुश हूं। मुझे लगता है कि यह शारीरिक से ज्यादा मानसिक खेल है, लेकिन अब चीजें हमारे पक्ष में होने लगी हैं। मुझे लगता है कि देर-सवेर, बहुत जल्द हम दूसरे स्थान पर रहने के बजाय जीतने वाली टीम में शामिल होंगे, लेकिन मैं खुश हूं।”

ने भी इस बात का समर्थन किया और भारत के हालिया थॉमस कप अभियान को एक ऐसे मोड़ के रूप में बताया, जिसने इस जोड़ी को अपने खेल पर फिर से भरोसा करने में मदद की। उन्होने कहा, “मुझे लगता है कि साल की शुरुआत में, हमने अच्छा खेला था। मुझे लगता है कि धीरे-धीरे हम अपना आत्मविश्वास वापस पा रहे हैं। खासकर थॉमस कप के बाद, हमें अपने खेल में काफी ज्यादा आत्मविश्वास महसूस हुआ। हालांकि आज हम हार गए, लेकिन मुझे लगता है कि हम आगे बढ़ सकते हैं।”

IANS इनपुट के साथ

khabarmonkey@gmail.com

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