पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली और निवेशकों को को मोटा नुकसान हुआ. बेंचमार्क सूचकांकों में लगातार चार दिनों की गिरावट से निवेशकों की लगभग 21 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति कम हो गई है. पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे भारतीय शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया. लगातार चौथे सत्र में गिरावट दर्ज करते हुए, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ. छुट्टियों के कारण छोटे रहे इस सप्ताह में, बेंचमार्क सूचकांक 1,605.44 अंक नीचे आ गया. शेयर बाजार में कमजोरी के चलते, बीएसई पर लिस्टिड कंपनियों का कुल बाजार मार्केट कैपिटलाइजेशन चार सत्रों में 20,78,774.28 करोड़ रुपए घट गया. 16 अक्टूबर को यह 4,72,62,167.42 करोड़ रुपए था, जो अब घटकर 4,51,83,393.14 करोड़ रुपए रह गया है.

इन वजहों से आई शेयर बाजार में गिरावट
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में वेल्थ मैनेजमेंट के रिसर्च हेड, सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि भूराजनीतिक तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारतीय बाजारों में कमजोरी बनी रह सकती है, जिससे महंगाई की चिंताएं भी बढ़ रही हैं. पश्चिम एशिया में सप्लाई बाधित होने के डर और सऊदी अरब की तेल सुविधाओं को लेकर चिंताओं के बीच, कच्चे तेल की कीमत 115 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो पिछले पांच महीनों का उच्चतम स्तर है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, रुकी हुई राजनयिक बातचीत, और ईरान के परमाणु व सैन्य ठिकानों पर अमेरिकाइजरायल द्वारा फिर से हमले किए जाने की खबरों ने भूराजनीतिक जोखिमों को बढ़ा दिया है.
इन शेयरों में आई गिरावट
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स 3 प्रतिशत से अधिक गिरकर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनियां रहीं. इसके अलावा ट्रेंट, टेक महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, इंडिगो, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई. इसके विपरीत, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी इंडिया, इंफोसिस और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में तेजी रही. खेमका ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड IPO को 22.19 गुना सब्सक्राइब किया गया, जिसमें सभी तरह के निवेशकों ने अच्छी भागीदारी दिखाई. जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 28 अक्टूबर को लिस्ट होने वाले हैं, जो अगले हफ्ते प्राइमरी मार्केट के लिए एक अहम घटना होगी.
निवेशक हुए और भी सतर्क
ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है. इसमें लगभग 3 प्रतिशत की उछाल आई है और यह 116.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है. इक्विरस वेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर पुंज ने कहा कि अमेरिकी बाजारों में आई गिरावट ने स्थानीय निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिससे बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी रहा. इसके अलावा, ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में फिर से आई तेजी और रुपए में कमजोरी के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव देखने को मिला. उन्होंने आगे कहा कि ज्यादातर एशियाई बाजारों में तो सुधार दिखा, लेकिन घरेलू बाजारों में भारी गिरावट आई. इसकी मुख्य वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उतारचढ़ाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है, जिससे भविष्य में महंगाई बढ़ने की चिंता पैदा हो गई है.
आगे कैसा रह सकता है बाजार?
बाजार के आउटलुक पर खेमका ने कहा कि 2728 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशक सतर्क रहेंगे. साथ ही, वे अमेरिकी जॉबलेस क्लेम और GDP ग्रोथ जैसे अहम आर्थिक आंकड़ों, और बैंक ऑफ जापान के ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर भी नजर रखेंगे. अगले हफ्ते Q2 के नतीजों पर सबकी नजर रहेगी. इस दौरान पेटीएम, टाटा कंज्यूमर, L&T, मारुति सुजुकी, HUL, अडानी पोर्ट्स, ट्रेंट, सन फार्मा और BEL जैसी प्रमुख कंपनियां अपने नतीजे जारी करेंगी. उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, क्रूड ऑयल की कीमतें, भूराजनीतिक घटनाक्रम, विदेशी निवेश का प्रवाह और कंपनियों के नतीजे ही तय करेंगे कि बाजार किस दिशा में जाएगा.