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डा0 आराधना अस्थाना की पुस्तक ” लखनऊ के कथक घराने की हिन्दी सेवा “​

ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डा0 आराधना अस्थाना की पुस्तक ” लखनऊ के कथक घराने की हिन्दी सेवा का विमोचन अवधी शोध पीठ द्वारा आयोजित सेमिनार में माननीय कुतपति प्रोफेसर अजय तनेजा ,मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री एवं राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष श्री […]

ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डा0 आराधना अस्थाना की पुस्तक ” लखनऊ के कथक घराने की हिन्दी सेवा का विमोचन अवधी शोध पीठ द्वारा आयोजित सेमिनार में माननीय कुतपति प्रोफेसर अजय तनेजा ,मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री एवं राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष श्री गिरीश चन्द्र मिश्र तथा मुख्य वक्ता प्रोफेसर हरिशंकर मिश्र के कर कमलों द्वारा हुआ| डाॅ आराधना अस्थाना स्वयं अवधी पीठ की सदस्य भी हैं |
” लखनऊ के कथक घराने की हिन्दी सेवा ” पुस्तक लखनऊ कथक घराने के हिन्दी साहित्य के प्रति योगदान को दर्शाती है |
लखनऊ की कथक परम्परा का आरम्भ इलाहाबाद के हंडिया तहसील के निवासी श्री ईश्वरीप्रसाद जी से हुआ। इनके प्रपौत्र प्रकाश जी अपने दो भ्राता दयाल जी और हरिलाल जी के साथ आकर नवाब आसिफुदौला के दरबारी कवि नियुक्त हुए। प्रकाश जी के पुत्र ठाकुर प्रसाद जी अवध के नवाब वाजिदअली शाह के कला गुरु के थे और इसी समय से लखनऊ कथक घराने का उत्कृष्ठ रुप से विकास होना आरंभ हुआ। ठाकुर प्रसाद जी के भ्राता दुर्गाप्रसाद जी के पुत्र महाराज बिंदादीन एवं कालका प्रसाद ने लखनऊ कथक की परम्परा को समृद्ध करते हुए अत्यन्त मधुर ठुमरियांे दादरों होरी गजलों एवं भजनों की रचना की जो भारतीय संस्कृति के कला पक्ष को समृद्ध करती है। बिंदादीन महाराज की रचनाओं की संख्या लगभग तीन हजार है। इन रचनाओं में गहन अभिव्यंजना के साथ उत्तमकोटि की साहित्यिकला भी विद्यमान है।
लच्छू महाराज ने बहुत सी काव्यबद्ध रचनायें की है जिनमें दक्षयत्र अर्धनारीश्वर मालतीमाधव, भारतेन्दु की चन्द्रावली, गोकुल की गली आम्रपाली, किसान की अमर कहानी इत्यादि सुन्दर काव्य एवं नृत्य नाटिकाये प्रमुख है।
लखनऊ कथक के नृत्याचायों ने अवधी, ब्रजभाषा, खड़ी बोली सभी भाषाओं को अपनी रचना का माध्यम बनाकर सांस्कृतिक और साहित्यिक समन्वय का भी प्रयास किया।
बिरजू महाराज इसके उदाहरण हैं| “लखनऊ के कथक घराने की हिन्दी सेवा ” एक महत्वपूर्ण पुस्तक है जो इस नवीन विषय पर ज्ञान का खोज करने के साथ ही साहित्य एवं कला प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी है|
यह पुस्तक अमेजन पर भी आनलाइन उपलब्ध है

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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