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गंगा का रौद्र रूप! बिजनौर बैराज के तटबंध पर संकट, एसीबीएम का 100 मीटर पैच धंसा​ | ‘मुझे तुमसे प्यार है’, प्रपोजल मिले तो पहले पूछें ये 5 सवाल, तभी बढ़ें रिश्ते में आगे​ | यूपी में चीनी की कालाबाजारी के खिलाफ चेतावनी, गन्ना मंत्री बोले- 400 टन से ज्यादा स्टॉक रखा तो होगा एक्शन​
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गंगा का रौद्र रूप! बिजनौर बैराज का तटबंध धंसा, 100 मीटर कंक्रीट ब्लॉक नदी में समाया​

Ganga Flood Damages Bijnor Barrage Embankment: पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गंगा नदी उफान पर है. गंगा के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव ने बिजनौर में गंगा बैराज के लेफ्ट अफलैक्स बंध को भारी नुकसान पहुंचाया है. नदी की तेज जलधारा सीधे इस बंध से टकरा रही है, […]

Ganga Flood Damages Bijnor Barrage Embankment: पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गंगा नदी उफान पर है. गंगा के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव ने बिजनौर में गंगा बैराज के लेफ्ट अफलैक्स बंध को भारी नुकसान पहुंचाया है. नदी की तेज जलधारा सीधे इस बंध से टकरा रही है, जिसके कारण आर्टिकुलेटेड कंक्रीट ब्लॉक मेट्रेस का 1060 मीटर में से करीब 100 मीटर का हिस्सा धंस गया है.

इस अचानक आई आपदा ने सिंचाई विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. गंगा बैराज के रावली स्थित लेफ्ट अफलैक्स बंध नदी के पानी को आबादी और कृषि भूमि की तरफ जाने से रोकता है. पिछले कुछ दिनों से गंगा का रुख इस बाएं तटबंध की तरफ सीधा हो गया है. नदी की लहरों की सीधी और तीव्र टक्कर के कारण तटबंध की सुरक्षा के लिए बिछाए गए 1060 मीटर क्षेत्र में एसीबीएम कंक्रीट ब्लाक का करीब 100 मीटर का पैच नदी में समा गया.

सिंचाई विभाग में मचा हड़कंप, राहत कार्य शुरू

मध्य गंगा नहर निर्माण खंड पांच के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कर्णपाल सिंह ने बताया कि एसीबीएम कार्य करने वाली फर्म के स्टाफ को बुलवाकर क्षतिग्रस्त क्षेत्र पर सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं. सिचाई विभाग के बंध धंसने की सूचना मिलते ही विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों की टीम में हड़कंप मच गया. विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मौके का निरीक्षण किया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कटान प्रभावित हिस्से पर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है.

मध्य गंगा के चीफ इंजीनियर कृष्ण मोहन कंसल, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर संजीव झा, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कर्णपाल सिंह सिंचाई विभाग की पूरी टीम के साथ तटबंध को सुरक्षित बचाने के लिए पिछले तीन दिनों से तटबंध पर ही डेरा डाले हुए हैं. प्रभावित क्षेत्र में टेट्राहेड्रोन पोरक्युपाइन, पत्थरों से भरे वायर क्रेट डाले जा रहे हैं, ताकि पानी के सीधे वेग को कम किया जा सके. कटान को रोकने के लिए हजारों की संख्या में रेतीली बोरियों को धंसे हुए पैच पर लगाया जा रहा है.

क्या बोले इंजीनियर इन चीफ?

यूपी सिचाई विभाग के इंजीनियर इन चीफ अवधेश कुमार ने बताया कि गंगा नदी की धारा लेफ्ट अफलैक्स बंध पर सीधी टक्कर मार रही है, खतरे की कोई बात नहीं है. तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है. जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है उसको तेजी से मजबूत करने के साथसाथ विभागीय इंजीनियर्स की टीमों को रात दिन सतर्क रह कर तटबंध की निगरानी के आदेश दे दिए गए हैं.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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