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ट्रकों में भरकर भारत से कहां भागे घुसपैठिए मुस्लिम? बॉर्डर अलर्ट!

पश्चिम बंगाल से आई यह तस्वीरें अब पूरे देश में सनसनी बन चुकी हैं। सड़क किनारे बैठे यह सैकड़ों लोग सिर पर बोरियां साथ में बीवी और बच्चे और ट्रकों में भर-भर कर यह बॉर्डर की तरफ भाग रहे हैं। दावा यह किया जा रहा है कि यह सभी बांग्लादेशी मुस्लिम है जो अब खुद ही भारत छोड़कर वापस बांग्लादेश लौट रहे हैं।सवाल यह है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि बॉर्डर पर भगदड़ जैसे हालात बन [संगीत] गए। क्यों पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक इस मुद्दे पर सियासी भूचाल आ गया है? बता दें कि यह तस्वीरें पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हकीमपुर और स्वरूप नगर बॉर्डर इलाके से सामने आई हैं। जहां सैकड़ों लोग परिवार और सामान के साथ बॉर्डर के पास जमा हो गए। कई लोग ट्रकों में भरकर बॉर्डर तक पहुंचे। मानो किसी भी हालात में यह भारत छोड़कर जाना चाहते हो। दावा यह सामने आया है कि इनमें बड़ी संख्या में बांग्लादेशी मुस्लिम है जो बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे और अब कार्रवाही के डर से यह वापस लौट रहे हैं। दरअसल बता दें कि पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद अब अवैध प्रवासियों के खिलाफ बहुत बड़ा अभियान शुरू हो चुका है। 

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नई सरकार ने 3D नीति लागू की है। यानी कि डिलीट डिटेक्ट एंड रिपोर्ट यानी पहचान करो रिकॉर्ड से हटाओ और फिर देश से बाहर भेजो। सरकार ने मालदा और मुर्शिदाबाद में 48 घंटे के अंदर दो होल्डिंग सेंटर भी तैयार किए। यानी यहां पर संदिग्ध अवैध प्रवासियों को रखा जाएगा। उनकी जांच पहचान की जाएगी और फिर बीएसएफ के जरिए बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया इनकी शुरू होगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बेहद सख्त लहजे में यह कहा कि जल्दी-जल्दी भागो नहीं तो सरकार अपना काम शुरू कर देगी। अब जरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान भी आप सुन लीजिए जिसकी चर्चा इस पूरे घटनाक्रम के बीच फिर से शुरू हो गई है। मोदी ने यह साफ कहा था कि घुसपैठियों के जरिए डेमोग्राफी बदलने की साजिश चल रही है। घुसपैठियों को बचाने वालों को भुगतना पड़ेगा। देश उन्हें माफ नहीं करेगा। यह बयान उन्होंने 15 अगस्त को दिया था। षड्यंत्र के तहत सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है। यही वजह है कि अब इस पूरे मुद्दे को सिर्फ कानून व्यवस्था से नहीं बल्कि नेशनल सिक्योरिटी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बीजेपी का यह आरोप है कि अवैध घुसपैठ की वजह से फर्जी दस्तावेज, तस्करी, वोट बैंक, राजनीति और इसी के साथ ही डेमोग्राफिक बदलाव जैसी समस्या बढ़ गई है। 

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वहीं विपक्ष यह कह रहा है कि कारवाही के नाम पर कई गरीब बंगाली भाषी लोगों को परेशान किया जा सकता है। इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक बहुत बड़ा कदम उठा लिया है। केंद्र सरकार अब एक हाई लेवल कमेटी बना रही है जो देश भर में असामान्य डेमोग्राफिक बदलावों की जांच करेगी। सरकार का यह कहना है और मानना है कि अब अवैध घुसपैठ को सिर्फ बॉर्डर का मुद्दा नहीं रखना है बल्कि देश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और भविष्य से जुड़ा हुआ मामला इसे माना जाएगा। फिलहाल बॉर्डर पर हलचल काफी तेज है। बीएसएफ अलर्ट है और बंगाल से सामने आ रही तस्वीरों ने पूरे देश में एक नई बहस ही छेड़कर रख दी है। 

Khabar Monkey

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