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जीरा वाटर या देसी घी का पानी…पेट साफ करने में क्या है बेहतर, जानें ऐसे ही फैक्ट्स

जीरा वाटर या देसी घी का पानी…पेट साफ करने में क्या है बेहतर, जानें ऐसे ही फैक्ट्स

श्वेता शाह कई बड़े सेलिब्रिटीज को खानपान से जुड़ी सलाह देती हैं. इसके अलावा वो आम लोगों को भी हेल्दी रहने के टिप्स देती रहती हैं. उन्होंने बताया है कि कैसे आप कुछ चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाकर कब्ज से छुटकारा पा सकते हैं और कौन सी चीजें आपको खाना अवॉइड करना चाहिए. अक्सर सुबह पेट साफ नहीं होता है तो ये कब्ज का लक्षण हो सकते हैं. चलिए जान लेते हैं कि कैसा रखें खानपान. जीरा वाटर और देसी घी के पानी में से क्या है पेट साफ करने के लिए बेहतर.

जीरा वाटर या देसी घी का पानी…पेट साफ करने में क्या है बेहतर, जानें ऐसे ही फैक्ट्स
जीरा वाटर या देसी घी का पानी…पेट साफ करने में क्या है बेहतर, जानें ऐसे ही फैक्ट्स

कब्ज से जूझ रहे लोगों को दवाओं के सहारे रहने की बजाय पहले अपनी डाइट में सुधार करना चाहिए. इस समस्या के पीछे ज्यादातर खराब खानपान ही वजह होता है. इससे सुबह मल त्याग में परेशानी होने के साथ ही कई और लक्षण जैसे मितली, ब्लोटिंग होती रहती है. जान लेते हैं कि कैसे पहचाने कब्ज और क्या खाने से मिलेगी इससे राहत.

जीरा वाटर या घी का पानी

श्वेता शाह के मुताबिक जीरा का पानी आपके डाइजेशन के लिए बहुत अच्छा होता है, लेकिन ये कब्ज हो तो इसे नहीं पीना चाहिए. देसी घी का पानी कब्ज में फायदा करता है, क्योंकि ये इंटेस्टाइन (आंतों) में लुब्रिकेशन में मदद करता है. इससे सुबह मल त्याग करने में आसानी होती है और आपका होता है.

अनार या पपीता

अनार आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन ये मल को बाइंड कर सकता है और डाइजेशन स्लो हो सकता है. इसकी जगह पपीता का सेवन ज्यादा फायदेमंद रहता है, क्योंकि ये फल बाउल मूवमेंट्स को स्मूद बनाता है.

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Image: Getty Images

दूध या कैस्टर ऑयल

कब्ज की समस्या में कई लोग दूध पीने की सलाह देते हैं, लेकिन इससे भी बचना चाहिए. इसकी जगह आधा चम्मच कैस्टर ऑयल आप गुनगुने पानी के साथ रात को सोने से पहले ले सकते हैं. ये कोलन की क्लींजिंग में मदद करता है, जिससे सुबह आपका पेट आसानी से साफ हो जाता है.

ईसबगोल या सूखा आलू बुखारा

आपने भी कई बार सुना होगा की ईसबगोल की भूसी डाइजेशन के लिए बेहद अच्छी होती है, लेकिन कब्ज की समस्या हो तो इसे लेने से बचना चाहिए. दरअसल ये भले ही शॉर्ट टर्म रिलीफ दिला दे, लेकिन इंटेस्टाइन को ड्राई और ब्लोट कर सकती है. इसकी जगह सूखे आलूबुखारा का सेवन ज्यादा फायदेमंद रहता है, क्योंकि ये एक नेचुरल लैक्सेटिव है और आपकी गट के लिए जेंटल रहता है.

कैसा रखें कब्ज में खानपान?

कब्ज की समस्या बनी रहती हो तो अपनी डाइट में फाइबर का इंटेक बढ़ाना चाहिए, लेकिन ऐसा खाना ही खाएं जो हल्का हो और आसानी से पच जाता हो. इसके अलावा आपको पानी भरपूर मात्रा में पीना चाहिए. कम पानी की वजह से भी कई बार कब्ज हो सकती है. कैफीन वाली ड्रिंक्स जैसे चाय-कॉफी से दूरी बनाएं और ज्यादा मसालेदार, तली हुई चीजें खाना अवॉइड करें. इससे समस्या ज्यादा बढ़ सकती है.

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