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जिस विवेक तिवारी की लखनऊ में हुई थी सरेआम हत्या, उसके गुनाहगार सिपाही को मिली 10 साल की सजा​

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में कोर्ट ने आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. यह वारदात साल 2018 में लखनऊ के शहीद पथ का है. आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल उसी समय से जेल में बंद था. हालांकि […]

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में कोर्ट ने आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. यह वारदात साल 2018 में लखनऊ के शहीद पथ का है. आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल उसी समय से जेल में बंद था. हालांकि आरोपी के परिजनों ने लोअर कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है.

मामले की सुनवाई लखनऊ की जिला अदालत में बीते 8 वर्षों से चल रही थी. इस दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने और सबूतों एवं गवाहों के बयान को ध्यान में रखते हुए बीते सोमवार को आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल प्रशांत को गैर इरादतन हत्या का दोषी माना. वहीं सोमवार को इस मामले में अदालत ने प्रशांत को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.

दो साल में पूरी होगी सजा

जानकारी के मुताबिक दोषी कॉन्स्टेबल प्रशांत वारदात के बाद ही अरेस्ट कर लिया गया था. तब से वह जेल में ही है. अब चूंकि कोर्ट ने उसे 10 साल की सजा सुनाई है, इसमें से वह 8 साल की सजा पहले ही काट चुका है. ऐसे में उसे अब केवल दो साल ही जेल में रहना होगा. हालांकि प्रशांत के परिजनों ने लोअर कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है.

दूसरा कॉन्स्टेबल बरी

अदालत में इस मामले में दूसरे आरोपी कॉन्स्टेबल संदीप कुमार को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. हालांकि कोर्ट का फैसला आने के बाद दोनों कॉन्स्टेबल रो पड़े. उधर, कोर्ट के फैसले पर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी और भाई विष्णु ने भी असंतोष जताया है. उन्होंने कहा कि वह इस फैसले से संतुष्ठ नहीं हैं. अब उन्हें हाईकोर्ट से ही न्याय की उम्मीद है.

क्या है मामला?

केस डायरी के मुताबिक लखनऊ के गोमतीनगर में 29 सितंबर 2018 की रात एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी ऑफिस से अपनी सहकर्मी सना खान के साथ कार में सवार होकर घर लौट रहे थे. जैसे ही उनकी गाड़ी गोमतीनगर विस्तार में मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास पहुंची, पुलिस कांस्टेबल प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार ने उन्हें रोकने की कोशिश की. वहीं जब विवेक ने गाड़ी नहीं रोकी तो फायरिंग कर दी. इस घटना में गोली लगने से विवेक की मौत हो गई थी.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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