Delhi Gymkhana Club: दिल्ली के प्रतिष्ठित जिमखाना क्लब को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. क्लब की पूर्व बोर्ड सदस्य और व्हिसलब्लोअर निजी सपरा ने क्लब के पुराने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया है कि क्लब के भीतर बड़े स्तर पर वित्तीय गड़बड़ियां की गईं और नियमों का उल्लंघन हुआ. सपरा का कहना है कि जब उन्होंने इन मामलों को उजागर किया, तो उन्हें निशाना बनाया गया और उनकी सदस्यता भी खत्म कर दी गई.

इंटरव्यू में सपरा ने कहा कि उन्होंने क्लब के पुराने बोर्ड के खिलाफ शिकायत की थी. उनका आरोप है कि क्लब को कॉरपोरेट नियमों के खिलाफ चलाया जा रहा था और मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था. सपरा के मुताबिक, शिकायत करने के बाद उन्हें एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया. बाद में उनकी सदस्यता भी समाप्त कर दी गई, जबकि वह कानूनी रूप से चुनी गई बोर्ड सदस्य थीं.
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उन्होंने दावा किया कि क्लब के भीतर कुछ प्रभावशाली लोगों का एक ऐसा ग्रुप सक्रिय था, जिसने इसे पैसा कमाने वाले माफिया में बदल दिया. सपरा का कहना है कि आम लोगों को क्लब की सदस्यता पाने के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि रसूखदार लोगों के परिवारों को आसानी से सदस्यता मिल जाती है. इधर, केंद्र सरकार ने भी क्लब को बड़ा झटका दिया है. सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून तक लुटियंस दिल्ली स्थित 27.3 एकड़ जमीन खाली करने का आदेश दिया है.
सरकार का कहना है कि यह जमीन राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए जरूरी है. क्लब ने इस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की 2022 की जांच में क्लब से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आए थे. इनमें करीब 50 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं, अवैध नियुक्तियों और न्यायाधिकरण के आदेशों का पालन न करने जैसे आरोप शामिल हैं. अब इस पूरे मामले पर मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है.





