Raipur-Visakhapatnam Greenfield Expressway: इस बात में कोई दो राय नहीं है कि बीते कुछ सालों में भारत के सड़क परिवहन में अकल्पनीय सुधार और बदलाव देखने को मिले हैं। देश के अलग-अलग राज्य और जिले तेजी से एक्सप्रेसवे नेटवर्क के साथ जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी हाल ही में 14 अप्रैल को दिल्ली को देहरादून से जोड़ने वाले देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। इसके ठीक बाद, पीएम मोदी ने 29 अप्रैल को मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इसी अलावा, देश में कई बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स का काम प्रगति पर है। इनमें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स प्रमुख हैं।

20,000 करोड़ रुपये की लागत से बना रहा है 6 लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को आंध्र प्रदेश की पोर्ट सिटी से जोड़ने वाले रायपुर-विशाखापत्तनम ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम तेजी से चल रहा है। इस साल के अंत तक इसका काम पूरा होने की उम्मीद है। रायपुर में शुरू होने वाला 6 लेन का ये एक्सप्रेसवे छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के प्रमुख जगहों को जोड़ने हुए विशाखापत्तनम में खत्म होगा। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की लंबाई 464 किमी है, जिसकी पूरी यात्रा करने में सिर्फ 4-5 घंटे का समय लगेगा। बताते चलें कि अभी रायपुर से विशाखापत्तनम तक की दूरी 595 किमी है, जिसे पूरा करने में लगभग 13 घंटे तक का समय लग जाता है। इस एक्सप्रेसवे को 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है।
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अपनी खूबसूरती से पर्यटन को नई दिशा प्रदान करेगा रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे
रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे सिर्फ छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश की दूरी को कम ही नहीं करेगा, बल्कि ये व्यापार की नई क्षमताओं का भी आधार बनेगा। इतना ही नहीं, ये एक्सप्रेसवे सिर्फ अपनी खूबसूरती की वजह से क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा और दशा प्रदान करेगा। आंध्र प्रदेश से केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने सोमवार को रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे की एक क्लिप शेयर की। उन्होंने क्लिप शेयर करते हुए बताया कि इस एक्सप्रेसवे को बनाते समय जानवरों के हितों का भी खास ध्यान रखा जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर जानवरों की आवाजाही के लिए 27 जगहों पर खास व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, बंदरों के लिए भी एक्सप्रेसवे को पार कर दूसरी दिशा में जाने के लिए 17 जगहों पर व्यवस्था की जा रही है।





