Wednesday, April 15, 2026
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इस्लामाबाद के जिस होटल में हुई थी ईरान और अमेरिका की वार्ता, क्या शहबाज सरकार ने नहीं चुकाया उसका बिल? जानिए सच्चाई

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 10 से 12 अप्रैल के बीच आयोजित अमेरिका और ईरान के बीच अहम वार्ता ने जहां एक नई कूटनीतिक पहल की उम्मीद जगाई, वहीं एक अनोखे विवाद ने पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े कर दिए. यह विवाद किसी नीति या समझौते को लेकर नहीं, बल्कि इस बात को लेकर उठा कि आखिर मेहमानों के ठहरने का खर्च किसने चुकाया.

इस्लामाबाद के जिस होटल में हुई थी ईरान और अमेरिका की वार्ता, क्या शहबाज सरकार ने नहीं चुकाया उसका बिल? जानिए सच्चाई
इस्लामाबाद के जिस होटल में हुई थी ईरान और अमेरिका की वार्ता, क्या शहबाज सरकार ने नहीं चुकाया उसका बिल? जानिए सच्चाई

दरअसल पाकिस्तान की शहबाज शरीफ की सरकार ने शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद के मशहूर सेरेना होटल (Serena Hotel) को बुक किया था, खबर है कि सरकार ने इस होटका बिल नहीं चुकाया, जिसके बाद होटल के मालिक ने अपनी जेब से पैसा भरा. पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर के कार्यक्रम में इसबात की पुष्टि की गई है.

पाकिस्तान की इंटरनेशनल बेइज्जती

हालांकि इस बात पर कितनी सच्चाई है ये नहीं कहा जा सकता क्योंकि अन्य स्रोतों ने इसे चुनौती दी है और इस खबर को गलत बताया है. पाकिस्तान ने 10-12 अप्रैल के बीच ईरान अमेरिका शांति वार्ता को अपनी कूटनीतिक कामयाबी बताया था लेकिन इस रिपोर्ट के आने के बाद उसकी इंटरनेशनल बेइज्जती हो रही है.

होटल के मालिक ने दिया बिल

सीएनएन न्यूज 19 की रिपोर्ट के मुताबिक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि होटल के मालिक, जिनका संबंध आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क से है उन्हें खुद इस मामले में दखल देना पड़ा और होटल के बिल का भुगतान करना पड़ा. इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान की आर्थिक कंगाली को सामने ला दिया है. यह घटना अब पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है.

अन्य सूत्रों ने इस बात से किया इनकार

वहीं होटल प्रबंधन ने बाद में कहा कि ठहरने की सुविधा निःशुल्क दी गई थी, और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के स्वामित्व वाले सेरेना होटल ने शांति प्रयासों में योगदान के रूप में प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी की थी. वहीं अन्य सूत्रों ने इस बात से इनकार किया कि नेटवर्क ने सीधे तौर पर खर्च वहन किया था जिससे भ्रम और बढ़ गया.

आर्थिक दबाव में पाकिस्तान

यह विवाद एक संवेदनशील समय में सामने आया है जब पाकिस्तान आर्थिक दबाव में है, सालों से लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहा है और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की निगरानी में है. रिपोर्ट के मुताबिक देश में महंगाई दर 7-9 प्रतिशत के बीच बनी हुई है और लगातार ढांचागत वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

khabarmonkey@gmail.com

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