शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
जन्माष्टी पर निवेशकों की हुई चांदी: बाजार खुलते ही हो गई 2.72 लाख करोड़ की कमाई​ | Nepal Flood Update: नेपाल में तबाही के 9 दिन बाद सुरंग से आई आवाज, दो लोग जिंदा बाहर निकाले गए​ | Janmashtami Vrat Rules: जानिए रात 12 बजे के बाद श्रीकृष्ण पूजा के बाद Vrat Parana की सही विधि​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

गूगल पे-फोनपे को व्हाट्सएप की सीधी टक्कर! अब चैट ऐप से भरें बिजली, गैस, क्रेडिट कार्ड और FASTag के बिल​

टेक कंपनी मेटा के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप ने भारत में बिल भुगतान सुविधा शुरू कर दी है. इसके तहत मैसेज भेजने और रिसीव करने की सुविधा देने वाले ऐप के जरिये बिजली, गैस, पानी समेत अपने रोजमर्रा के घरेलू बिलों का भुगतान आसानी से कर सकेंगे. व्हाट्सऐप ने बयान में कहा कि भारत कनेक्ट […]

टेक कंपनी मेटा के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप ने भारत में बिल भुगतान सुविधा शुरू कर दी है. इसके तहत मैसेज भेजने और रिसीव करने की सुविधा देने वाले ऐप के जरिये बिजली, गैस, पानी समेत अपने रोजमर्रा के घरेलू बिलों का भुगतान आसानी से कर सकेंगे. व्हाट्सऐप ने बयान में कहा कि भारत कनेक्ट नेटवर्क के सहयोग से शुरू की गई इस सुविधा के तहत उपयोगकर्ताओं को बिजली, गैस, पानी, फास्टैग, बीमा, क्रेडिट कार्ड और कर्ज भुगतान समेत 30 श्रेणियों में 22,722 बिल जारी करने वाले संस्थानों तक पहुंच मिलेगी.

यह लॉन्च नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के उस डेटा के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें दिखाया गया था कि अगस्त 2026 में UPI प्रोसेसिंग ने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की. ​​इसमें ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़कर 24.51 अरब हो गई, जो जुलाई के मुकाबले 3.6 प्रतिशत ज्यादा है, जबकि ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू 29.82 लाख करोड़ रुपए रही.सालदरसाल के आधार पर, ट्रांजैक्शन की संख्या में 22 प्रतिशत और वैल्यू में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, और औसत दैनिक ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़कर 791 मिलियन हो गई. जुलाई में 29.88 लाख करोड़ रुपए के 23.66 अरब ट्रांजैक्शन के बाद, अगस्त लगातार दूसरा महीना रहा जब UPI ट्रांजैक्शन की संख्या ने रिकॉर्ड बनाया.

मैसेजिंग ऐप से कर सकेंगे पेमेंट

बयान के अनुसार, व्हाट्सऐप पूरे देश में लोगों के लिए बिल भुगतान सुविधा चरणबद्ध तरीके से शुरू कर रहा है. आने वाले दिनों में यह सुविधा एंड्रॉयड तथा आईओएस के सभी वर्जंस के लिए उपलब्ध होगी. उल्लेखनीय है कि भारत में डिजिटल भुगतान परिवेश पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है. इसके पीछे यूपीआई को व्यापक रूप से अपनाया जाना, स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और रोजमर्रा के लेनदेन की बढ़ती संख्या का ऑनलाइन होना प्रमुख कारण हैं.

कंपनी ने कहा कि व्हाट्सऐप पर बिल भुगतान के साथ लोग बिना व्हाट्सऐप छोड़े, संदेश भेजने जितनी आसानी से सुरक्षित तरीके से विभिन्न सेवाओं के लिए बिलों का भुगतान कर सकेंगे. बयान के अनुसार, उपयोगकर्ता होम स्क्रीन के ऊपर दिए गए आइकन पर टैप कर बिल भुगतान सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं, पुराने भुगतान और आगामी बिल देख सकते हैं, एक ही सर्विस प्रोवाइडर्स के तहत कई खातों का प्रबंधन कर सकते हैं और अपनी पसंद के भुगतान माध्यम से भुगतान कर सकते हैं.

मेट्रो टिकट से लेकर बीमा तक की खरीदारी

मेटा के एमडी एवं क्षेत्रीय प्रमुख अरुण श्रीनिवास ने कहा कि लाखों भारतीयों के लिए व्हाट्सऐप परिवार और दोस्तों से जुड़े रहने, कंपनियों से बातचीत करने, नागरिक सेवाओं का इस्तेमाल करने और मेट्रो टिकट से लेकर बीमा तक की खरीदारी करने का सबसे आसान माध्यम है. इसके लिए ऐप से बाहर निकलने की भी जरूरत नहीं है. श्रीनिवास ने कहा कि हम इसके जरिये बिल भुगतान की सुविधा को सुगम बना रहे हैं. अब अलगअलग ऐप पर जाने या कई भुगतान तिथियों पर नजर रखने की जरूरत नहीं होगी. हम व्हाट्सऐप पर बिल का भुगतान संदेश भेजने जितना आसान बनाना चाहते हैं और देश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक डिजिटल भुगतान की सुविधा पहुंचाने में मदद करना चाहते हैं.

क्या हैं खास फीचर्स

  • घर के बिलों की समरी: बिल पहले से ही फेच हो जाते हैं, और जिन बिलर्स को पहले WhatsApp बिल पेमेंट के जरिए पेमेंट किया गया है, वे ‘पेमेंट्स होम’ पर दिखाई देते हैं ताकि उन्हें एक टैप में एक्सेस किया जा सके.
  • हर बिलर के लिए कई अकाउंट: यूजर्स एक ही प्रोवाइडर के तहत घर, ऑफिस और परिवार के बिलों को एक ही जगह मैनेज कर सकते हैं.
  • पेमेंट्स होम’ पर पॉपुलर कैटेगरी: अक्सर इस्तेमाल होने वाली बिल कैटेगरी अपने आप दिखाई देती हैं, साथ ही 20 से ज्यादा कैटेगरी की पूरी लिस्ट देखने के लिए “सभी देखें” का ऑप्शन भी मिलता है.

WhatsApp बिल पेमेंट का इस्तेमाल कैसे करें?

  • WhatsApp खोलें और होम स्क्रीन के ऊपर दिए गए रुपए के आइकन पर टैप करें.
  • बिल कैटेगरी और बिलर चुनें.
  • अकाउंट की जानकारी डालें और कन्फर्म करें.
  • फेच किए गए बिल की रकम और जरूरी जानकारी को चेक करें.
  • पेमेंट का तरीका चुनें: UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड, उसके बाद पेमेंट कन्फर्म करें.

WhatsApp भारत में पहले से ही कई रोजमर्रा के कामों में मदद करता है, जैसे मोबाइल रिचार्ज, अलगअलग शहरों में मेट्रो टिकट बुकिंग और सरकारी चैटबॉट्स के ज़रिए नागरिक सेवाओं तक पहुंच शामिल है. बिल पेमेंट के साथ, कंपनी इस सुविधा को रेगुलर यूटिलिटी पेमेंट तक बढ़ा रही है, और यह सब उसी चैट इंटरफेस में हो रहा है. यह ऐसे समय में हो रहा है जब देश भर में UPI से जुड़े डिजिटल ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं. कंपनी ने कहा कि बिल पेमेंट सुविधा को धीरेधीरे पूरे भारत में रोल आउट किया जाएगा और आने वाले हफ्तों में यह सभी Android और iOS यूजर्स के लिए उपलब्ध हो जाएगी.

भारत में UPI का जबरदस्त उछाल

अप्रैल 2016 में NPCI द्वारा शुरू किए गए UPI ने इस साल की शुरुआत में अपने कामकाज का एक दशक पूरा कर लिया. लॉन्च के बाद से सालाना ट्रांजैक्शन की संख्या में लगभग 12,000 गुना बढ़ोतरी हुई है वित्त वर्ष 201617 में 2 करोड़ ट्रांजैक्शन से बढ़कर वित्त वर्ष 202526 में यह संख्या 24,161 करोड़ से ज्यादा हो गई, और साल भर में ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू 314 लाख करोड़ रुपए को पार कर गई. अगस्त 2025 में पहली बार मासिक ट्रांजैक्शन की संख्या 2,000 करोड़ के पार पहुंची थी. दिसंबर 2025 में उस दशक का सबसे ज्यादा मासिक वॉल्यूम दर्ज किया गया, और बाद में अगस्त 2026 में एक नया ऑलटाइम हाई बना.

इस नेटवर्क से अब 700 से ज्यादा बैंक जुड़े हुए हैं, जबकि लॉन्च के समय इनकी संख्या सिर्फ 21 थी. यह दुनिया भर में होने वाले रियलटाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा है एक ऐसी उपलब्धि जिसे इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने जून 2025 में मान्यता दी थी. UPI आठ देशों में भी काम कर रहा है, जिनमें UAE, सिंगापुर, फ्रांस, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मॉरिशस और कतर शामिल हैं.

UPI ट्रांजैक्शन के विश्लेषण से पता चलता है कि कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में पर्सनटूमर्चेंट पेमेंट की हिस्सेदारी 63 प्रतिशत है. इसमें मुख्य रूप से छोटी रकम वाले पेमेंट शामिल हैं. ऐसे 86 प्रतिशत ट्रांजैक्शन 500 रुपए से कम के हैं, जो रोज़मर्रा की खुदरा खरीद और दैनिक व्यापार में UPI की गहरी पैठ को दर्शाता है. वहीं, ट्रांजैक्शन वैल्यू के मामले में पर्सनटूपर्सन ट्रांसफर का दबदबा है, जिनकी हिस्सेदारी 71 प्रतिशत है. यह दिखाता है कि लोग अभी भी ज्यादा रकम वाले ट्रांजैक्शन के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY