प्रेगनेंसी में बॉडी में कई चेंज होते हैं, जिनमें कुछ वक्त के साथ गायब हो जाते हैं लेकिन कई लाइफ टाइम बने रहते हैं. इनमें से एक पेट के आसपास की स्किन पर होने वाले स्ट्रेच मार्क्स भी हैं. स्किन के स्ट्रेच होने की वजह से इस पर लंबीलंबी लाइंस बन जाती हैं जो हमेशा के लिए दिखती रहती हैं. ये दिखने में बेहद अजीब लगते हैं इसलिए प्रेगनेंसी में ही कोशिश की जाती है कि स्ट्रेच मार्क्स पड़े ही नहीं.

इसके लिए महिलाएं कई नुस्खे भी आजमाती हैं, जिनमें से एक विटामिन ई ऑयल भी है. मार्केट में इसे बायो ऑयल भी पुकारा जाता है. क्या ये सच में कारगर होता है? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें…
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
डॉक्टर संदीप अरोड़ा का कहना है कि स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के लिए विटामिन ई ऑयल का इस्तेमाल काफी आम है, लेकिन इसे स्ट्रेच मार्क्स का पक्का इलाज नहीं माना जा सकता. वैज्ञानिक अध्ययनों में सिर्फ विटामिन ई को अकेले लगाने से स्ट्रेच मार्क्स कम होने के मजबूत प्रमाण नहीं मिले हैं.
स्ट्रेच मार्क्स त्वचा की अंदरूनी परत में खिंचाव के कारण होने वाले निशान हैं. वजन तेजी से बढ़ने या घटने, प्रेगनेंसी, किशोरावस्था या मसल्स बढ़ने के दौरान ये ज्यादा दिखाई दे सकते हैं.
विटामिन ई ऑयल कैसे करता है काम?
विटामिन ई ऑयल त्वचा को मॉइस्चराइज रखने में मदद कर सकता है, जिससे त्वचा का रूखापन और खिंचाव कम महसूस हो सकता है, लेकिन पुराने स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह मिटाने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. अगर स्ट्रेच मार्क्स नए हैं और लाल या गुलाबी रंग के हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह से कुछ मेडिकल ट्रीटमेंट ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं.
इन बातों का रखें ध्यान
हालिया समीक्षा में कुछ मामलों में ट्रेटिनॉइन, ग्लाइकोलिक एसिड और लेजर जैसी प्रक्रियाओं से सुधार देखा गया है. विटामिन ई ऑयल लगाने से कुछ लोगों को खुजली, जलन या एलर्जिक रिएक्शन भी हो सकता है. इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर है.
स्ट्रेच मार्क्स के लिए सिर्फ घरेलू तेलों पर निर्भर रहने के बजाय, उनकी उम्र और त्वचा की स्थिति के अनुसार डर्मेटोलॉजिस्ट से सही इलाज की सलाह लें.