हाथरस: हाथरस के सासनी क्षेत्र में मिले एक अज्ञात युवक के शव ने पुलिस के सामने ऐसी पहेली खड़ी कर दी है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. इगलास रोड स्थित जय दुर्गा धाम कॉलोनी के पास मिले शव पर अब दो अलग-अलग परिवार अपना दावा कर रहे हैं. दोनों परिवार शव को अपने बेटे का बताते हुए पहचान के अलग-अलग आधार पेश कर रहे हैं, जिससे पुलिस भी असमंजस में पड़ गई है.

क्या है पूरा मामला
पूरा मामला रविवार दोपहर का है, जब स्थानीय लोगों ने कॉलोनी के पास एक युवक का क्षत-विक्षत शव पड़ा देखा. सूचना मिलते ही सासनी कोतवाली पुलिस, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई. घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.
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घटना का पहला चरण
पहले चरण में गढ़ौआ निवासी साबिर ने शव की पहचान अपने 25 वर्षीय बेटे हाशिम के रूप में की. साबिर के मुताबिक हाशिम 2 मई को खेत पर लकड़ी लेने गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा. परिजनों ने 4 मई को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी. पिता ने कपड़ों, सैंडिल, हाथ में पहने कड़े और बाजू पर बने “जाहरवीर बाबा” के टैटू के आधार पर बेटे की पहचान की. इसके बाद उन्होंने गांव के पांच नामजद और सात अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज करा दिया.
हासिम नहीं शव सुभाष का!- ग्रामीण
लेकिन मामला तब अचानक पलट गया, जब लहौर्रा गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण कोतवाली पहुंच गए. ग्रामीणों के साथ आए नौरंगी लाल ने दावा किया कि शव उनके 32 वर्षीय बेटे सुसा उर्फ सुभाष का है, जो 5 मई से लापता था. उन्होंने भी शव की पहचान कपड़ों, सैंडिल, हाथ के कड़े और “जाहरवीर बाबा” के टैटू से की. मृतक के भाई राजेश कुमार ने भी पुलिस को तहरीर देकर शव को अपने भाई सुभाष का बताया. अब एक ही शव पर दो परिवारों के दावे ने पुलिस की जांच को और जटिल बना दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंतिम पहचान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जरूरत पड़ने पर डीएनए जांच के जरिए ही संभव हो सकेगी.
मामले पर पुलिस का बयान
प्रभारी निरीक्षक विपिन चौधरी के मुताबिक, दोनों पक्षों की तहरीर ली गई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर शव किस युवक का है और उसकी मौत के पीछे की असली कहानी क्या है.





