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एक और पेपर लीक… इधर संसद में बिल पर बहस, उधर WhatsApp पर आ गया पूरा क्वेश्चन​

Drug Inspector Examination Paper Leak: एक तरफ संसद में पेपर लीक पर बन रहे कानून को लेकर बहस हो रही है, तो दूसरी तरफ एक और पेपर लीक की खबर आ गई. नया मामला महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती के लिये आयोजित परीक्षा का है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित […]

Drug Inspector Examination Paper Leak: एक तरफ संसद में पेपर लीक पर बन रहे कानून को लेकर बहस हो रही है, तो दूसरी तरफ एक और पेपर लीक की खबर आ गई. नया मामला महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती के लिये आयोजित परीक्षा का है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि इसका प्रश्न पत्र लीक हुआ है. हालांकि, एमपीएससी ने कहा कि शिकायत की जांच में कई विसंगतियां सामने आई हैं. आयोग ने यह भी कहा कि अपनी विश्वसनीयता की रक्षा के लिए वह इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएगा. विवाद गहराने के बीच पवार ने प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के साथ फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के आयुक्त तुकाराम मुंढे से मुलाकात की. पवार ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि उन्होंने मुंढे से कथित प्रश्नपत्र लीक मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया.

इस बीच, एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने मामले को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया. भीमनवार ने बताया कि एमपीएससी ने 22 मार्च को करीब 31,000 अभ्यर्थियों के लिए ड्रग इंस्पेक्टर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन आयोजित की थी और इसके परिणाम 12 जून को घोषित किए गए थे. इसके बाद एक से 12 जुलाई के बीच इंटरव्यू आयोजित किए गए और फिर आखिरी मेरिट लिस्ट प्रकाशित की गई.

उन्होंने कहा, “आयोग को 21 जुलाई को ईमेल के जरिए परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए परीक्षा रद्द करने की मांग मिली थी. हालांकि, शिकायत अस्पष्ट पाई गई, जिसके बाद शिकायतकर्ता से सबूत उपलब्ध कराने को कहा गया. इसके बाद 23 जुलाई को एक और ईमेल मिला, जिसमें व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भेजे गए थे. इनमें दावा किया गया था कि 22 मार्च को हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र 20 मार्च को ही प्रसारित कर दिया गया था.”

भीमनवार ने कहा कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर उनसे साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया. उन्हें एमपीएससी कार्यालय आकर अपना पक्ष रखने के लिए भी कहा गया, लेकिन कोई भी वहां नहीं पहुंचा. भीमनवार ने कहा, “आयोग की साख और गरिमा बनाए रखने के लिए हम प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। पुलिस जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.”

इससे पहले, रोहित पवार ने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले के एक आरोपी का संबंध सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से है. मुंबई में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रोहित पवार ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में महाराष्ट्र में टीईटी, नीट, राज्य रिजर्व पुलिस बल तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन की औषधि निरीक्षक भर्ती परीक्षा सहित कई परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक के मामले सामने आए हैं.

उन्होंने दावा किया, “संभव है कि एमपीएससी का पूरा प्रश्न पत्र लीक न हुआ हो, लेकिन प्रश्न पत्र तैयार करने वाला व्यक्ति की ईमानदारी संदिग्ध है. आरोप है कि प्रश्न पत्र व्हाट्सऐप के जरिए अभ्यर्थियों को भेजा गया और पांच मिनट के भीतर उसे हटा भी कर दिया गया. मामला तब सामने आया, जब प्रश्न पत्र प्राप्त करने वालों में से एक ने उसे अपने एक मित्र को फॉरवर्ड कर दिया.”

पवार ने आरोप लगाया कि छात्रों ने 21 जुलाई को एमपीएससी को इस संबंध में शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसके बजाय उन्हें पुलिस कार्रवाई की धमकी दी गई. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि एक नायब तहसीलदार के बेटे और बेटी ने इस परीक्षा में क्रमशः 13वीं और 16वीं रैंक कैसे हासिल की.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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