नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने अपने मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नाम एक लेटर लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा, केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर जिम्मेदारियों से मुक्त करने और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति दें।
पत्र में डॉ. मुरुगन ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार में काम करने के अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने सूचना एवं प्रसारण, संसदीय कार्य, मत्स्य पालन और पशुपालन मंत्रालयों में मिली जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए कहा है कि इन अवसरों से उन्हें देश और उसके लोगों को समझने का मौका मिला।
लेटर में पारिवारिक जीवन का भी जिक्र
मुरुगन ने अपने पारिवारिक जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते हैं। उनके मातापिता दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते थे और पशुपालन से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने लिखा कि उनके मातापिता ने कभी कल्पना नहीं की थी कि उनका बेटा एक दिन केंद्र सरकार में सेवा करेगा।
एम. मुरुगन ने लेटर में क्या लिखा?
पीएम मोदी को संबोधित करते हुए मुरुगन ने अपने लेटर में लिखा, ‘तमिलनाडु की आपकी हालिया यात्रा ने मुझ पर गहरा प्रभाव डाला है। हर जगह मैंने देखा कि लोगों ने कितने स्नेह के साथ आपका स्वागत किया और आपकी उपस्थिति ने उनमें कितनी उम्मीद जगाई। उनका उत्साह उस सुनहरे भविष्य के प्रति उनके सच्चे विश्वास को दर्शाता है जिसे बनाने के लिए आप तमिलनाडु में काम कर रहे हैं। हमारे राज्य के प्रति आपका समर्पण और हमारे लोगों का आपके प्रति प्रेम देखकर मुझे गर्व और कृतज्ञता का अनुभव हुआ, और तमिलनाडु, हमारी पार्टी और हमारे देश के लिए और अधिक करने का मेरा संकल्प और मजबूत हुआ।’
पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र
उन्होंने लेटर में लिखा, ‘आपकी लीडरशिप में भारत और तमिलनाडु की सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। मैं किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आता। मैं एक बहुत गरीब परिवार से हूं। मेरे मातापिता, जो दिहाड़ी मजदूर और पशु चराने का काम करते थे, आज भी कोनूर गांव में सादा जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनका बेटा एक दिन केंद्र सरकार में सेवा करेगा।’
महाकवि भारती, सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित होकर, मैंने कॉलेज के दिनों में ABVP ज्वाइन किया। ABVP और BJP में लगभग तीस वर्षों के दौरान, मेरा मूल मंत्र हमेशा यही रहा है: राष्ट्र सर्वोपरि, उसके बाद पार्टी और अंत में स्वयं।
पीएम मोदी की तारीफ करते हुए मुरुगन ने अपने लेटर में लिखा, आपकी लीडरशिप और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को पहचान देने के BJP के संकल्प ने मुझे ऐसी कई मौके दिए जिनकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। नेशनल कमीशन के वाइसचेयरमैन के तौर पर काम करने से लेकर आपकी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स में सेवा करने तक, हर जिम्मेदारी आपके भरोसे का ही नतीजा रही है। सूचना और प्रसारण, संसदीय कार्य, मत्स्य पालन और पशुपालन मंत्रालयों में काम करने के मौके ने हमारे देश और यहां के लोगों के बारे में मेरी समझ को और बढ़ाया है। पार्टी ने मुझे समयसमय पर विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका भी दिया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे देश और पार्टी की सेवा करने के इतने सारे मौके मिलेंगे।’