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World Lung Cancer Day: किन लोगों को लंग कैंसर स्क्रीनिंग करवानी चाहिए और क्यों? एक्सपर्ट्स ने बताया​

World Lungs cancer day: आज 1 अगस्त के दिन दुनिया भर में लंग कैंसर डे मनाया जाता है. ये दिन लोगों को फेफड़ों की हेल्थ के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है. कहती है कि दुनिया भर में 17 फीसदी लोगों की मौत लंग कैंसर के कारण होती है. इसकी सबसे बड़ी […]

World Lungs cancer day: आज 1 अगस्त के दिन दुनिया भर में लंग कैंसर डे मनाया जाता है. ये दिन लोगों को फेफड़ों की हेल्थ के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है. कहती है कि दुनिया भर में 17 फीसदी लोगों की मौत लंग कैंसर के कारण होती है. इसकी सबसे बड़ी वजह स्मोकिंग है लेकिन एयर पॉल्यूशन से भी ये हो जाता है. ऐसा भी देखा जाता है कि कुछ लोग जिंदगी भर स्मोकिंग करते हैं और उन्हें कैंसर नहीं होता. लेकिन कुछ लोग जो कम सिगरेट पीते हैं या फिर नॉन स्मोकर हैं उन्हें ये गंभीर बीमारी अपनी चपेट में ले लेती है.

अब सवाल है कि किन लोग को कैंसर से बचाव के लिए अपनी स्क्रीनिंग करवानी चाहिए. स्क्रीनिंग से जुड़ी कई अहम जानकारियां हम आपको एक्सपर्ट के जरिए बताने जा रहे हैं. जानें…

एक्सपर्ट ने क्या कहा

डॉक्टर विकास मित्तल कहते हैं कि लंग कैंसर स्क्रीनिंग हर किसी के लिए नहीं होती. कई लोग सोचते हैं कि अगर साल में एक बार पूरा बॉडी चेकअप करवा लिया या छाती का एक्सरे करा लिया, तो फेफड़ों का कैंसर भी पकड़ में आ जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं है. स्क्रीनिंग उन लोगों के लिए होती है जिन्हें अभी कोई लक्षण नहीं हैं, लेकिन उनके फेफड़ों के कैंसर का खतरा ज़्यादा है.

किन लोगों को करानी चाहिए लंग कैंसर स्क्रीनिंग

इसमें आमतौर पर 50 से 80 साल की उम्र के ऐसे लोग शामिल होते हैं जिन्होंने लंबे समय तक धूम्रपान किया हो, यानी 20 packyears या उससे अधिक का स्मोकिंग इतिहास हो. साथ ही जो अभी भी स्मोक करते हैं या पिछले 15 साल के भीतर स्मोकिंग छोड़ी है, उन्हें भी डॉक्टर से स्क्रीनिंग के बारे में सलाह लेनी चाहिए.

स्क्रीनिंग का उद्देश्य बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि कैंसर को शुरुआती स्टेज में पकड़ना है, जब मरीज को कोई परेशानी महसूस भी नहीं होती. इसके लिए लोडोज सीटी स्कैन किया जाता है. यह सामान्य चेस्ट एक्सरे नहीं होता और न ही रूटीन फुलडोज सीटी स्कैन.

एलडीसीटी में रेडिएशन की मात्रा भी अपेक्षाकृत कम होती है और अगर व्यक्ति स्क्रीनिंग के लिए पात्र है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसे आमतौर पर हर साल कराया जाता है.

ये लक्षण न करें नजरअंदाज

वहीं, अगर किसी व्यक्ति को लगातार खांसी, खांसी में खून आना, बिना वजह वजन कम होना, सीने में दर्द या नई सांस फूलने जैसी समस्या हो रही है, तो यह स्क्रीनिंग का मामला नहीं है. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से मिलकर पूरी जांच करानी चाहिए, क्योंकि यह लक्षण किसी बीमारी का संकेत हो सकते हैं. याद रखें लंग कैंसर स्क्रीनिंग का मतलब सभी लोगों का सीटी स्कैन करना नहीं है.

इसका मकसद सही व्यक्ति की, सही समय पर, सही जांच के जरिए बीमारी को जल्दी पहचानना है. समय पर की गई स्क्रीनिंग से इलाज के बेहतर अवसर मिल सकते हैं और कई मामलों में जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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