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World Hypertension Day 2026: हाई ब्लड प्रेशर के ये 5 लक्षण शरीर में दिखते ही डॉक्टर से करें संपर्क; जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

World Hypertension Day 2026: हाई ब्लड प्रेशर के ये 5 लक्षण शरीर में दिखते ही डॉक्टर से करें संपर्क; जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्सहाई ब्लड प्रेशर को मेडिकल भाषा में ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि यह बिना किसी बड़े शोर के शरीर के भीतर धीरे-धीरे पनपता रहता है। अक्सर लोग इसे तब तक नजरअंदाज करते हैं, जब तक कि स्थिति गंभीर नहीं हो जाती। यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टर समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराने की सलाह देते हैं। हाइपरटेंशन हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी रोग और समय से पहले मृत्यु का खतरा काफी बढ़ा देता है। हालांकि अच्छी बात यह है कि समय पर पहचान, नियमित मॉनिटरिंग और लगातार इलाज के जरिए इससे जुड़ी अधिकांश जटिलताओं को रोका जा सकता है।

World Hypertension Day 2026: हाई ब्लड प्रेशर के ये 5 लक्षण शरीर में दिखते ही डॉक्टर से करें संपर्क; जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
World Hypertension Day 2026: हाई ब्लड प्रेशर के ये 5 लक्षण शरीर में दिखते ही डॉक्टर से करें संपर्क; जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

Gleneagles Hospital के वरिष्ठ सलाहकार एवं इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट Dr. Sameer V. Pagad के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर से पहले शरीर कई ऐसे खामोश संकेत देने लगता है, जिन्हें समय रहते पहचान लिया जाए तो इससे जुड़ी गंभीर जटिलताओं और स्वास्थ्य जोखिमों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, हमारा शरीर किसी भी बड़े खतरे से पहले छोटे-छोटे लेकिन बेहद जरूरी Warning Signs देने लगता है। अगर इन इशारों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो दिल की बीमारियों और स्ट्रोक जैसी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी से बचाव संभव है।

इसी जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से इस वर्ष WHO के वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे 2026 की थीम रखी गई है  “Controlling Hypertension Together: Check Your Blood Pressure Regularly, Defeat the Silent Killer” यानी “मिलकर हाइपरटेंशन को कंट्रोल करें: नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर जांचें, साइलेंट किलर को हराएं। यह सिर्फ एक स्वास्थ्य संदेश नहीं, बल्कि साझा जिम्मेदारी का आह्वान है, जिसमें व्यक्ति, परिवार, समुदाय, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की भागीदारी बेहद जरूरी मानी गई है। आइए जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर के बॉडी में कौन कौन से वार्निंग साइन दिखते हैं।

सुबह उठते ही सिर में दर्द होना

अगर रोज सुबह उठने के बाद सिर भारी महसूस होता है या सिरदर्द बना रहता है, तो इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार, बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिसकी वजह से सुबह के समय सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। यदि यह परेशानी लगातार बनी रहे, तो तुरंत बीपी जांच करानी चाहिए।

नाक से अचानक खून निकलना

हाई ब्लड प्रेशर का असर शरीर की बारीक रक्त वाहिकाओं पर भी पड़ता है। नाक के अंदर मौजूद नाजुक नसों पर दबाव बढ़ने से वे फट सकती हैं, जिससे अचानक ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। बार-बार नाक से खून आना शरीर का ऐसा संकेत हो सकता है, जिसे हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।

सुबह से ही थकावट महसूस होना

पूरी नींद लेने के बाद भी अगर शरीर में कमजोरी या थकान बनी रहती है, तो यह हाई बीपी का इशारा हो सकता है। बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर शरीर की सामान्य ऊर्जा और ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति दिन की शुरुआत में ही थका हुआ महसूस कर सकता है।

बेचैनी और घबराहट बढ़ना

सुबह उठते ही बेचैनी, घबराहट या मन अशांत लगना भी हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ा संकेत माना जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर को रिलैक्स रखना जरूरी है। ठंडा पानी पीना, हल्की वॉक करना और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा समय पर लेना फायदेमंद हो सकता है।

उठते समय चक्कर आना

अगर बिस्तर से उठते ही सिर घूमने लगे या संतुलन बिगड़ने लगे, तो यह हाई बीपी का संकेत हो सकता है। लगातार चक्कर आने की समस्या को नजरअंदाज न करें और जल्द से जल्द ब्लड प्रेशर की जांच कराएं।

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हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के आसान तरीके

  • खाने में नमक की मात्रा कम रखें।
  • रोजाना ताजे फल, हरी सब्जियां और संतुलित आहार लें।
  • सिगरेट, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाएं।
  • तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन, योग और वॉक को रूटीन में शामिल करें।
  • नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक कराते रहें, ताकि समय रहते बदलाव का पता चल सके।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें बताए गए लक्षण और उपाय किसी भी प्रकार की मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं हैं। हाई ब्लड प्रेशर या किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा शुरू या बंद न करें।

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