Wednesday, April 15, 2026
Health

World Health day : वो 5 बीमारियां जिनका आज तक नहीं मिला पक्का इलाज, जानें लक्षण

मेडिकल साइंस ने बहुत विकास किया है. एआई से लेकर रोबोटिक सर्जरी तक आ गई हैं. लेकिन आज भी कुछ ऐसी बीमारियां हैं जिनका पूरी तरह इलाज संभव नहीं हो पाया है. ये वो बीमारियां हैं जो एक बार हो गई तो कभी जड़ से खत्म नहीं होती है और केवल इनको कंट्रोल ही किया जा सकता है. वो कौन सी बीमारियां हैं और इनका इलाज क्यों नहीं आजतक आ पाया है इस बारे में जानते हैं. इसके लिए हमने दिल्ली के आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ सुभाष गिरि से बातचीत की है.

World Health day : वो 5 बीमारियां जिनका आज तक नहीं मिला पक्का इलाज, जानें लक्षण
World Health day : वो 5 बीमारियां जिनका आज तक नहीं मिला पक्का इलाज, जानें लक्षण

डॉ सुभाष बताते हैं कि इस लिस्ट में कई . जैसे पार्किंसंस है. ये वो बीमारी है जिसमें मरीज का नर्वस सिस्टम सही करीके से काम नहीं करता है. जिससे शरीर की मूवमेंट पर असर पड़ता है. ये बीमारी बढ़ती उम्र में होती है और इससे मरीज को चलने फिरने से लेकर कुछ मामलों में सही तरीके से बोलने में भी दिक्कत आती है. हालांकि दवाओं और फिजियोथेरेपी से लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन आजतक इस बीमारी का कोई पूरा इलाज नहीं है. आजतक ऐसी कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनी है जिससे इसको खत्म किया जा सकता है.

HIV/AIDS

एचआईवी एक वायरस है जिसकी वजह से एड्स की बीमारी होती है. एचआईवी शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर करता रहता है, हालांकि
एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) के जरिए एचआईवी का मरीज लंबा और सामान्य जीवन जी सकते हैं. इनकी मदद से एचआईवी का लोड भी कम या वायरस नॉन एक्टिव फेज में जा सकता है. लेकिन अगर समय पर एआरटी शुरू न हो तो मरीज को एड्स की बीमारी हो सकती है और एड्स का आजतक भी कोई इलाज नहीं है. यानी, एचआईवी का तो इलाज हो सकता है, लेकिन एड्स का इलाज नहीं है.

टाइप 1 और 2 डायबिटीज

टाइप 1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर देता है. मरीज को जीवनभर इंसुलिन लेना पड़ता है. इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है. इसका कारण यह है कि ये होती क्यों है इस बारे में सही सही जानकारी आजतक भी मेडिकल साइंस के पास नहीं है. कुछ इसको जेनेटिक बताते हैं तो कुछ दूसरे कारण बताते हैं, लेकिन इसका कोई इलाज नहीं है. इसी तरह टाइप- 2 डायबिटीज का भी कोई इलाज नहीं है. इसको केवल कंट्रोल किया जा सकता है.

ऑटो इम्यून बीमारियां

ऑटो इम्यून बीमारियां वो होती है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम अपनी ही हेल्दी सेल्स पर अटैक करने लगता है. इन बीमारियों का आजतक कोई इलाज नहीं है केवल इनको कंट्रोल किया जा सकता है. रूमेटाइिड आर्थराइटिस और सोरायसिस ऑटो इम्यून बीमारियां हैं.

मल्टीपल स्केलोरेसिस

यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम नर्व्स को नुकसान पहुंचाने लगता है. इससे शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है और नसों में भी कमजोरी आती है. इसका भी कोई पक्का इलाज नहीं है, लेकिन दवाओं से इसके असर को कम किया जा सकता है.

क्या इन बीमारियों से बचाव संभव है?

इनमें से कई बीमारियां पूरी तरह रोकी नहीं जा सकतीं, लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल, समय-समय पर जांच और डॉक्टर की सलाह से इनके जोखिम को कम किया जा सकता है. इन बीमारियों को खत्म तो नहीं, लेकिन इनको कंट्रोल किया जा सकता है और अधिकतर मामलों में मरीज सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है. ऐसे में ये जरूरी है कि आप समय पर बीमारी के लक्षणों को पहचानकर इनकी जांच कराएं. ताकि बीमारियों से बचाव किया जा सके.

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