मंगलवार, 28 जुलाई 2026 ब्रेकिंग
Parliament Monsoon Session: कांग्रेस का सरकार पर हमला, बांसुरी स्वराज बोलीं- पेपर लीक पर सख्ती के लिए यह बिल समय की जरूरत​ | ‘न स्वच्छ पानी- न शौचालय, मिड डे मिल भी घटिया…’ फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों का प्रदर्शन, अफसरों को बताईं समस्याएं​ | Coforge के तिमाही नतीजों ने किया कमाल, शेयर 10% उछला, कंपनी ने डिविडेंड का किया ऐलान​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

UP Defence Corridor: तय समय पर उद्योग नहीं लगाए, 8 कंपनियों से वापस ली गई आवंटित जमीन; अब दूसरे निवेशकों को मिलेगा मौका​

UP Defence Corridor: उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में तय समयसीमा के भीतर उद्योग स्थापित नहीं करने वाली आठ कंपनियों के खिलाफ यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कड़ा कदम उठाया है. प्राधिकरण ने इन कंपनियों को आवंटित जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया है. इन सभी कंपनियों का कुल प्रस्तावित निवेश 414.25 करोड़ रुपये […]

UP Defence Corridor: उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में तय समयसीमा के भीतर उद्योग स्थापित नहीं करने वाली आठ कंपनियों के खिलाफ यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कड़ा कदम उठाया है. प्राधिकरण ने इन कंपनियों को आवंटित जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया है. इन सभी कंपनियों का कुल प्रस्तावित निवेश 414.25 करोड़ रुपये था.

यूपीडा के अनुसार, कई कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन निर्धारित समय के भीतर परियोजनाओं पर काम शुरू नहीं किया गया. इससे औद्योगिक विकास की गति प्रभावित हो रही थी. ऐसे में प्राधिकरण ने समीक्षा के बाद उन कंपनियों के भूआवंटन को रद्द करने का निर्णय लिया, जिन्होंने अपनी परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ाया.

अलीगढ़ नोड में सबसे बड़ी कार्रवाई

इस कार्रवाई का सबसे अधिक असर अलीगढ़ नोड में देखने को मिला, जहां छह कंपनियों का भूमि आवंटन निरस्त किया गया है. इनमें पी2 लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड, पोलिप्लस इंसुलेशन प्राइवेट लिमिटेड, जय साई अनु ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, नवराज मेटल वर्क्स, ट्रेक्टेक्स ऑटो डायनेमिक एलएलपी और मिलकोर डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.

इन कंपनियों को रक्षा उपकरण, ऑप्टिकल सिस्टम और अन्य डिफेंस उत्पादों के निर्माण के लिए जमीन आवंटित की गई थी. हालांकि, तय समयसीमा के भीतर उद्योग स्थापित करने की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण यूपीडा ने इनका आवंटन रद्द कर दिया.

झांसी और कानपुर नोड में भी कार्रवाई

अलीगढ़ के अलावा झांसी और कानपुर नोड में भी एकएक कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है. झांसी नोड में लोरेंको डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित लगभग आठ हेक्टेयर भूमि वापस ले ली गई. इस कंपनी का प्रस्तावित निवेश करीब 42 करोड़ रुपये था.

वहीं कानपुर नोड में तुंगभद्रा प्राइवेट लिमिटेड का लगभग 20 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव भी निरस्त कर दिया गया. कंपनी को आवंटित भूमि वापस लेते हुए प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि समयसीमा का पालन न करने वाली परियोजनाओं को आगे जारी नहीं रखा जाएगा.

निवेशकों को मिलेगा अवसर

यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने कहा कि ऐसी कंपनियों के भूआवंटन को निरस्त कर खाली हुई जमीन अब नए और गंभीर निवेशकों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ सकें.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और राज्य को रक्षा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाना है. इसके लिए केवल उन्हीं निवेशकों को प्राथमिकता दी जाएगी जो तय समय के भीतर अपनी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के प्रति प्रतिबद्ध हों. यूपीडा का मानना है कि इस फैसले से डिफेंस कॉरिडोर में नई औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और भविष्य में अधिक प्रभावी निवेश आकर्षित किया जा सकेगा.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY