जब भी भारतीय ट्रेनों में भारी भीड़ की बात होती है, तो अक्सर लोग यूपी और बिहार की ट्रेनों का नाम लेने लगते हैं। लेकिन रेलवे के आंकड़े कुछ और ही कहानी बताते हैं। दक्षिण भारत में चलने वाली परशुराम एक्सप्रेस इस समय देश की सबसे ज्यादा भीड़ वाली ट्रेनों में शामिल हो गई है। हालत ऐसी है कि कई बार यात्रियों को खड़े होने तक की जगह नहीं मिलती।

267% तक पहुंची ऑक्यूपेंसी
रेलवे आंकड़ों के मुताबिक कन्याकुमारी से मंगलुरु के बीच चलने वाली परशुराम एक्सप्रेस की ऑक्यूपेंसी 267.67% तक पहुंच गई है। वहीं मंगलुरु से कन्याकुमारी रूट पर भी यह आंकड़ा 261.23% दर्ज किया गया। यानी ट्रेन अपनी क्षमता से ढाई गुना ज्यादा यात्रियों को लेकर चल रही है। दिलचस्प बात यह है कि यह आंकड़ा कई प्रीमियम ट्रेनों से भी ज्यादा है। तुलना करें तो वंदे भारत एक्सप्रेस की ऑक्यूपेंसी करीब 187% बताई गई है।
आखिर इतनी भीड़ क्यों होती है?
विशेषज्ञों के अनुसार परशुराम एक्सप्रेस दक्षिण भारत के कई बड़े धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ती है। यही वजह है कि इसमें हर दिन भारी संख्या में यात्री सफर करते हैं। यह ट्रेन कन्याकुमारी, तिरुवल्लुवर प्रतिमा, विवेकानंद रॉक मेमोरियल, त्रिवेणी संगम और पद्मनाभस्वामी मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ती है। इसके अलावा लंबी दूरी की कनेक्टिविटी और कम किराया भी यात्रियों को आकर्षित करता है।
यात्रियों को होती है भारी परेशानी
भीड़ का असर यात्रियों की सुविधा पर साफ दिखाई देता है। कई बार जनरल कोच ही नहीं, रिजर्वेशन डिब्बों में भी जरूरत से ज्यादा लोग चढ़ जाते हैं। त्योहारों और छुट्टियों के समय स्थिति और खराब हो जाती है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में इतनी भीड़ होती है कि कई बार सीट तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। लंबे सफर के दौरान लोगों को घंटों खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है।
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रेलवे के सामने बड़ी चुनौती
लगातार बढ़ती भीड़ अब रेलवे के लिए भी चिंता का विषय बन चुकी है। अतिरिक्त कोच लगाने और नई ट्रेनों के संचालन की मांग तेज हो गई है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस रूट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और भविष्य में और ज्यादा सुविधाएं देने की जरूरत पड़ेगी।





