उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मैदान में उतारने की तैयारी में लगी है. बीजेपी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अगले महीने नवंबर के मध्य से पीएम मोदी के यूपी दौरे शुरू होंगे. पार्टी की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास और जनसभाओं के जरिए चुनावी पूर्व माहौल बनाने की रणनीति है. साथ ही पार्टी बूथ से लेकर बिरादरी तक संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है.

विधानसभा चुनाव में अभी कुछ महीने बचे हैं और देश में अभी त्योहारों का माहौल बना हुआ है. त्योहार के जश्न के बीच बीजेपी सियासी रणनीति में भी जुटी है. इसी कवायद के तहत पीएम मोदी के चुनाव पूर्व दौरे दीवाली के बाद नवंबर मध्य से शुरू हो जाएंगे. सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव से पहले 18 कमिश्नरी में पीएम मोदी के कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है. इनमें विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और कई जनसभाएं भी शामिल हैं.
चुनाव की तारीखों से पहले एक दर्जन रैली
बताया जा रहा है कि पीएम मोदी यूपी में चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले करीब एक दर्जन कार्यक्रमों और रैलियों को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री जिन उद्घाटन कार्यक्रमों को लेकर चुनावी रण में उतरेंगे, उनमें से महत्वपूर्ण कार्यक्रम टीवी9 भारतवर्ष की जानकारी में है.
चुनाव से पहले पीएम मोदी के हाथों यूपी की कई अहम और बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन कराने की तैयारी बताई जा रही है. इनमें वाराणसी अर्बन रोपवे, कानपुर मेट्रो का अगला चरण और आगरा मेट्रो के नए भूमिगत स्टेशन भी शामिल हो सकते हैं. लखनऊ मेट्रो के ईस्टवेस्ट कॉरिडोर का शिलान्यास भी संभावित कार्यक्रमों में शामिल किया जा सकता है.
विकास के एजेंडे के साथ बीजेपी
इसके अलावा अयोध्या में राम मंदिर परिसर की चारदीवारी और संग्रहालय, जेवर में एचसीएलफॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर यूनिट, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे और वाराणसी के गंजारी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जैसी परियोजनाएं भी बीजेपी के विकास एजेंडे का हिस्सा हो सकती हैं.
नोएडा में एक्वा लाइन के सेक्टर142 से बॉटनिकल गार्डन तक विस्तार, जेवर एयरपोर्ट के कार्गो हब और वृंदावन के बांके बिहारी कॉरिडोर से जुड़े कार्यक्रमों पर भी नजर है. इस बड़ी योजनाओं के जरिए पार्टी की कोशिश है कि चुनाव से पहले इन परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के जरिए विकास, कनेक्टिविटी, धार्मिक पर्यटन और निवेश का संदेश जनता तक पहुंचाया जाए.
पीएम मोदी के कार्यक्रमों के साथ बीजेपी संगठन भी चुनाव के लिए तैयारी कर रही है. वाराणसी में बैठक हो रही है जिसमें काशी और गोरक्ष प्रांत की 133 सीटों की रणनीति पर चर्चा होगी. बूथ कार्यकर्ताओं से संपर्क, सर्वसमाज बैठक और केंद्र तथा योगी सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने पर जोर रहेगा.
क्या है BJP का संगठन प्लान
पार्टी का अभी काशी और गोरक्ष प्रांत की 133 सीटों पर फोकस है. इसके लिए करीब 12 हजार विस्तारक लगाने की तैयारी की जा रही है. हर 15 बूथ पर एक विस्तारक को रखा जाएगा. इस दौरान करीब 80 हजार से अधिक संगठनात्मक बैठकों की योजना बनाई जा रही है. इस दौरान पार्टी की कोशिश कमजोर बूथों पर खास ध्यान देने की है.
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले ही अपने बड़े नेताओं को मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही नहीं अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नितिन गडकरी, नितिन नबीन और विनोद तावड़े समेत कई वरिष्ठ नेता चुनावी अभियान को धार देंगे. स्मृति ईरानी, केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्र देव सिंह और हेमा मालिनी समेत दर्जनों नेता भी जनता के बीच पहुंच बनाने की कोशिश करेंगे.
पार्टी की रणनीति में सरकार की उपलब्धियों का प्रचार, विपक्ष के आरोपों का जवाब और कमजोर सीटों पर खास फोकस रहेगा. विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के जरिए सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाया जाएगा, जबकि प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों से चुनावी माहौल बनाने की तैयारी है. बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए दिसंबर से संघ के आनुषंगिक संगठनों के संगठन प्रभारी भी उत्तर प्रदेश में प्रवास शुरू कर सकते हैं. करीब 3 महीने तक चलने वाले इस अभियान में जनसंपर्क और संगठन की मजबूती पर जोर रहेगा.