शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 ब्रेकिंग
ग्रेटर नोएडा में RTE प्रवेश प्रक्रिया पर सवाल, स्कूल सत्यापन में मिला फर्जी राशन कार्ड, जानें पूरा मामला​ | Harmanpreet Kaur ने Lord’s के मैदान पर रच डाला इतिहास, दुनिया के सिर्फ तीन ही क्रिकेटर्स कर पाए थे ये कारनामा​ | Ghaziabad Crime News: पत्नी को लेने आया था दामाद, ससुर ने रोका तो कर दी हत्या; 5 बार चाकू से किया वार​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

गंगा में कम हुआ पानी, बीचो-बीच 20 दिनों से अटका जहाज… क्रू मेंबर भी मौजूद; कब पहुंचेगा वाराणसी?​

जल मार्ग यातायात को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कोलकाता से वाराणसी तक मालवाहक जहाजों और विदेशी पर्यटकों से भरे क्रूज का संचालन किया जा रहा है. लेकिन गाजीपुर में गंगा नदी में जलस्तर कम होने के कारण वाराणसी जा रहा एक खाली मालवाहक जलपोत पिछले 20 दिनों से फंसा हुआ है. इसमें […]

जल मार्ग यातायात को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कोलकाता से वाराणसी तक मालवाहक जहाजों और विदेशी पर्यटकों से भरे क्रूज का संचालन किया जा रहा है. लेकिन गाजीपुर में गंगा नदी में जलस्तर कम होने के कारण वाराणसी जा रहा एक खाली मालवाहक जलपोत पिछले 20 दिनों से फंसा हुआ है. इसमें करीब आधा दर्जन क्रू मेंबर भी मौजूद हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गंगा में मानकों के अनुरूप समय पर ड्रेजिंग कराई गई होती, तो यह स्थिति नहीं बनती. वहीं, अब भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं.

गाजीपुर के सुहवल थाना क्षेत्र के कालूपुर गंगा तट के सामने एक मालवाहक जलपोत पिछले करीब 20 दिनों से गंगा नदी की बीच धारा में फंसा हुआ है. कोलकाता से वाराणसी जा रहा यह खाली जलपोत कम जलस्तर और मानकों के अनुरूप पर्याप्त ड्रेजिंग न होने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है.

एमवी एमटी नामक यह जलपोत लगभग 55 मीटर लंबा, 10 मीटर चौड़ा और करीब 300 टन वजनी है. जलपोत पर लगभग आधा दर्जन क्रू मेंबर मौजूद हैं, जो पिछले 20 दिनों से वहीं रुके हुए हैं. फिलहाल उनके भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर किसी प्रकार की गंभीर समस्या सामने नहीं आई है.

अधिकारियों के अनुसार, यह जलपोत वाराणसी में बन रही फ्लोटिंग जेट्टी के निर्माण कार्य के लिए भारी उपकरण ले जाने के उद्देश्य से रवाना हुआ था. लेकिन हमीद सेतु से पहले कालूपुर गंगा तट के समीप नदी में जलस्तर अत्यंत कम होने के कारण यह बीच धारा में फंस गया. इसे निकालने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गंगा में निर्धारित मानकों के अनुसार ड्रेजिंग कराई गई होती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती. उनका आरोप है कि जलमार्ग को सुचारु बनाए रखने के लिए की गई ड्रेजिंग पर्याप्त नहीं थी, जिसके कारण इतना बड़ा जलपोत बीच नदी में फंस गया.

घटना के बाद भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं. जिस जलमार्ग को मालवाहक जहाजों के संचालन के लिए तैयार बताया गया था, उसी मार्ग पर जलपोत का फंस जाना ड्रेजिंग व्यवस्था की गुणवत्ता और निगरानी पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है.

IWAI के विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गंगा नदी में जलस्तर अत्यंत कम होने के कारण जलपोत आगे नहीं बढ़ पा रहा है. उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने के बाद आवश्यक ड्रेजिंग कराकर जलपोत को सुरक्षित वाराणसी के लिए रवाना किया जाएगा. साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY