Term Insurance Claim: आज के समय में ज्यादातर लोग अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए टर्म इंश्योरेंस सकता है।

बीमारी छिपाकर टर्म इंश्योरेंस लेने से क्या होगा?
अगर कोई व्यक्ति टर्म इंश्योरेंस खरीदते समय अपनी बीमारी या मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी छिपाता है और बाद में बीमा कंपनी को इसका पता चलता है, तो क्लेम के समय परेशानी हो सकती है।
बीमा कंपनी मामले की जांच करने के बाद पॉलिसी की शर्तों और लागू नियमों के आधार पर क्लेम खारिज कर सकती है। ऐसी स्थिति में पॉलिसीधारक की मौत के बाद परिवार को बीमा की रकम मिलने में दिक्कत आ सकती है।
क्या बीमा कंपनी पॉलिसी भी रद्द कर सकती है?
अगर जांच में सामने आता है कि पॉलिसी लेते समय व्यक्ति ने जानबूझकर जरूरी मेडिकल जानकारी छिपाई थी या गलत जानकारी दी थी, तो बीमा कंपनी लागू नियमों और पॉलिसी की शर्तों के अनुसार पॉलिसी रद्द की जा सकती है। ऐसे मामलों में जमा किए गए प्रीमियम का क्या होगा, यह पॉलिसी की शर्तों और संबंधित नियमों पर निर्भर करता है।
पहले से कोई बीमारी है तो क्या करना चाहिए?
अगर आपको पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट से जुड़ी समस्या या कोई दूसरी बीमारी है, तो टर्म इंश्योरेंस खरीदते समय इसकी जानकारी बीमा कंपनी को जरूर दें। आवेदन फॉर्म में अपनी मेडिकल हिस्ट्री, चल रही दवाओं और पहले से मौजूद बीमारियों के बारे में सही जानकारी भरें।
सही जानकारी देने से बीमा कंपनी आपके जोखिम का सही आकलन कर पाती है और भविष्य में परिवार को क्लेम से जुड़ी परेशानियों से बचाने में मदद मिलती है।