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Teacher Recruitment Rules: शिक्षक भर्ती और TET के नियमों में होगा बदलाव? NCTE ने बनाई 2 समितियां​

Teacher Recruitment Rules: देशभर में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शिक्षक भर्ती और पात्रता परीक्षा से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद ने इस विषय में दो उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समितियों का गठन किया है। ये दोनों समितियां शिक्षक भर्ती […]

Teacher Recruitment Rules: देशभर में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शिक्षक भर्ती और पात्रता परीक्षा से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद ने इस विषय में दो उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समितियों का गठन किया है। ये दोनों समितियां शिक्षक भर्ती की योग्यता और शिक्षक पात्रता परीक्षा के मौजूदा नियमों का रिव्यू करेंगे।


इस बदलाव का सीधा संबंध चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम से है। इस कोर्स का पहला बैच साल 2027 में पास आउट होने वाला है। ऐसे में NCTE चाहती है कि विद्यार्थियों के कोर्स पूरा करने से पहले ही सरकारी शिक्षक भर्ती और पात्रता परीक्षाओं से जुड़े नियमों में जरूरी बदलाव कर लिए जाएं। आइए जानते हैं क्या है ITEP कोर्स और उद्देश्य?

 

क्या है ITEP कोर्स और क्यों शुरू किया गया?

ITEP यानी Integrated Teacher Education Programme चार साल का इंटीग्रेटेड शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम है। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को तैयार करना है, जिन्हें विषय की पढ़ाई के साथसाथ बच्चों को पढ़ाने का भी व्यवस्थित प्रशिक्षण  मिले।

NCTE ने शैक्षणिक सत्र 202324 से इस कोर्स की शुरुआत की थी। इसमें 12वीं के बाद विद्यार्थी सीधे 4 साल का कोर्स पूरा कर सकते हैं। इस दौरान उन्हें स्नातक और शिक्षक शिक्षा की डिग्री एक साथ मिलती है। इसका पहला बैच पास होकर 2027 में निकलेगा।

NEP 2020 के तहत क्या है स्कूलों की नई?  

नई शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षा को चार चरणों में बांटा गया है। इसका उद्देश्य बच्चों की उम्र और सीखने की क्षमता के अनुसार पढ़ाई का तरीका विकसित करना है।

1. फाउंडेशनल स्टेज यह 3 से 8 वर्ष तक के बच्चों के लिए।
2. प्रिपरेटरी स्टेज यह 8 से 11 वर्ष तक के बच्चों के लिए।
3. मिडिल स्टेज यह 11 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए।

4. सेकेंडरी स्टेज यह 14 से 18 वर्ष तक के विद्यार्थियों के लिए।  

NCTE ने क्यों बनाई दो विशेषज्ञ समितियां?

ITEP कोर्स शुरू होने के बाद अब इसके विद्यार्थियों के सामने शिक्षक भर्ती और TET परीक्षा की पात्रता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, मौजूदा भर्ती नियमों और CTETSTET की गाइडलाइंस में ITEP का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।

इसी समस्या को दूर करने के लिए NCTE ने दो विशेषज्ञ समितियां बनाई हैं।  

क्या करेगी पहली समिति? 

पहली समिति की अध्यक्षता पूर्व IAS अधिकारी प्रो. निर्मलजीत सिंह कलसी कर रहे हैं। 8 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत गठित इस 12 सदस्यीय समिति को NCTE के वर्ष 2014 के शिक्षक भर्ती योग्यता नियमों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है।

समिति का मुख्य काम ITEP को शिक्षक भर्ती की मान्यता प्राप्त न्यूनतम योग्यताओं में शामिल करने के लिए संशोधन का ड्राफ्ट तैयार करना है। इसे अपनी सिफारिशें NCTE चेयरपर्सन को 30 दिनों के भीतर सौंपनी हैं।

दूसरी समिति का क्या होगा काम?

दूसरी समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफेसर चंद किरण सलूजा कर रहे हैं। 12 अक्टूबर को गठित इस 10 सदस्यीय समिति को CTET और राज्य स्तरीय STET परीक्षाओं के मौजूदा नियमों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है।

समिति यह सुझाव देगी कि ITEP की डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थी इन शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में कैसे शामिल हो सकें। इसके लिए मौजूदा गाइडलाइंस में जरूरी बदलावों का प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा।

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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