आईटी सेक्टर की देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली. कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 9% से अधिक टूटकर 2,224.80 रुपये तक पहुंच गया. यह मार्च 2020 के कोविड-19 बाजार संकट के बाद TCS के लिए सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है.

इस तेज गिरावट का असर पूरे आईटी सेक्टर पर पड़ा. निफ्टी आईटी इंडेक्स और प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स तथा निफ्टी पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिला. TCS बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है, इसलिए इसके शेयर में बड़ी गिरावट का असर व्यापक बाजार पर भी पड़ा.
हालिया तेजी के बाद आया बड़ा झटका
दिलचस्प बात यह है कि यह गिरावट ऐसे समय आई है जब आईटी शेयरों में हाल के दिनों में अच्छी तेजी देखी गई थी. मंगलवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स 4% से ज्यादा उछला था, जो मई 2026 के बाद उसकी सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त थी.
पिछले तीन कारोबारी सत्रों में आईटी इंडेक्स करीब 8% चढ़ा था, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई थी. TCS का शेयर भी मंगलवार तक दो दिनों में लगभग 8% बढ़ चुका था, लेकिन बुधवार की बिकवाली ने इस पूरी तेजी को मिटा दिया.
तकनीकी संकेत बढ़ा रहे हैं चिंता
SBI Securities के टेक्निकल रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह के अनुसार, TCS को 2,600-2,605 रुपये के स्तर पर मजबूत रुकावट का सामना करना पड़ा. यह स्तर कंपनी के 100-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के आसपास था. इसी के बाद शेयर में तेज बिकवाली शुरू हुई.
उन्होंने बताया कि RSI जैसे मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर हो रहे हैं, जो शेयर में तेजी की ताकत कम होने का संकेत देते हैं. इसके अलावा शेयर महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज स्तरों के नीचे फिसल चुका है, जिससे तकनीकी तस्वीर कमजोर दिखाई दे रही है.
2,200 रुपये का स्तर रहेगा अहम
INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी का मानना है कि TCS के लिए अब 2,206 रुपये का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है, जो शेयर का 52 सप्ताह का निचला स्तर भी है. यदि शेयर इस स्तर से नीचे बंद होता है तो गिरावट और बढ़ सकती है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऊपर की ओर 2,400 से 2,450 रुपये का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस बन गया है. जब तक शेयर इस दायरे को मजबूती से पार नहीं करता, तब तक किसी बड़ी रिकवरी की उम्मीद करना मुश्किल होगा.
Khabar Monkey
हालांकि, TCS अब भी एक मजबूत और भरोसेमंद कंपनी मानी जाती है, लेकिन धीमी आईटी मांग, AI से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कमजोर ग्रोथ आउटलुक फिलहाल निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में शेयर की चाल पर बाजार की नजर बनी रहेगी.












