N Chandrasekaran Reappointed: टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर मंजूरी दे दी है।

अगले पांच साल के नए कार्यकाल के लिए यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ समय पहले चंद्रशेखरन ने अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा पद संभालने की इच्छा नहीं जताई थी।
चंद्रशेखरन का वर्तमान कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म हो रहा है। नए कार्यकाल की मंजूरी के बाद वह अगले पांच वर्षों तक टाटा संस का नेतृत्व जारी रखेंगे। हालांकि, इस फैसले के पीछे के विस्तृत कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अगले कार्यकाल के लिए नामांकन से किया था इनकार
इससे पहले अगस्त में चंद्रशेखरन ने टाटा संस बोर्ड को जानकारी दी थी कि वह अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद अगले कार्यकाल के लिए नामांकन नहीं करेंगे। इसके बाद कंपनी में उत्तराधिकारी की तलाश को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। टाटा ट्रस्ट की ओर से नए चेयरमैन के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू करने की बात भी सामने आई थी।
RBI ने पंजीकरण खत्म करने की मंजूरी नहीं दी
चंद्रशेखरन के कार्यकाल को लेकर यह घटनाक्रम टाटा संस की नियामकीय स्थिति से भी जुड़ा हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस को कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के रूप में पंजीकरण समाप्त करने के अनुरोध को मंजूरी नहीं दी है।
इसके बाद कंपनी की संभावित स्टॉक मार्केट लिस्टिंग को लेकर चर्चा फिर तेज हुई है।
टाटा ट्रस्ट की 66% और पल्लोनजी समूह की 18% हिस्सेदारी
टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि शापूरजी पल्लोनजी समूह की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत बताई जाती है। कंपनी की लिस्टिंग, स्वामित्व संरचना और भविष्य की रणनीति को लेकर अलगअलग पक्षों के बीच विचार सामने आते रहे हैं।
एन चंद्रशेखरन वर्ष 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे और 2022 में उन्हें दूसरा कार्यकाल मिला था। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने कई क्षेत्रों में विस्तार किया है।