Shukra Gochar 2026: शुक्र ग्रह 8 जून की शाम को मिथुन राशि से निकलकर कर्क में गोचर कर जाएंगे। शुक्र का यह गोचर शाम 5 बजकर 47 मिनट पर होगा। 4 जुलाई 2026 तक शुक्र कर्क राशि में ही संचार करते रहेंगे और उसके बाद सिंह राशि में गोचर कर जाएंगे। आपको बता दें कि गुरु ग्रह पहले से ही कर्क राशि में विराजमान हैं और शुक्र के गोचर के साथ ही गुरु-शुक्र के बीच युति बनेगी। ऐसे में शुक्र का यह गोचर कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है। आज हम आपको इन्हीं राशियों के बारे में जानकारी देंगे।

मेष राशि
आपकी राशि से चतुर्थ भाव में शुक्र ग्रह का गोचर होगा। इस भाव को सुख का कारक माना जाता है इसलिए शुक्र का गोचर आपके लिए बेहद सुखद रह सकता है। पारिवारिक जीवन में आप अच्छा समय घर के लोगों के साथ बिता सकते हैं। अगर आपने पैसे का निवेश किया है तो जबरदस्त रिटर्न मिलने के योग हैं। रोजगार की तलाश में लगे हैं तो आपकी मनोकामना पूरी हो सकती है। मीडिया, सेल्स और मेडिकल क्षेत्र में काम करने वालों को अच्छे बदलाव करियर क्षेत्र में देखने को मिलेंगे।
कर्क राशि
शुक्र ग्रह का गोचर आपके प्रथम भाव में होगा। आप सुख-शांति जीवन में देख सकते हैं। इस राशि की महिलाएं जीवन में कोई उपलब्धि हासिल कर सकती हैं। विवाह योग्य लोगों को अच्छा जीवनसाथी मिल सकता है। करियर क्षेत्र में भी अच्छे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ लोगों को पदोन्नति या फिर वेतन में वृद्धि मिल सकती है। स्वास्थ्य के लिहाज से भी समय अच्छा रहेगा।
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कन्या राशि
आपकी राशि से एकादश भाव में शुक्र ग्रह का गोचर होगा। एकादश भाव लाभ और कारोबार में सफलता का कारक माना जाता है। ऐसे में शुक्र के राशि बदलने से कन्या राशि के कारोबारियों को जबरदस्त धन लाभ मिलने के योग हैं। अगर अपना बिजनेस करने का विचार बना रहे हैं तो आगे बढ़ सकते हैं। नौकरी पेशा लोगों के लिए भी समय अच्छा रहेगा।
तुला राशि
शुक्र आपकी ही राशि के स्वामी हैं और आपके कर्म भाव में गोचर करेंगे। शुक्र के गोचर के प्रभाव से सामाजिक स्तर पर आपको ख्याति प्राप्त हो सकती है। अगर सोशल मीडिया से जुड़ा कार्य करते हैं तो आपकी रचनात्मक कृति वायरल हो सकती है। इस राशि के नौकरी पेशा लोगों को मनचाही जगह पर ट्रांसफर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में भी अच्छे बदलाव आपको देखने को मिलेंगे। संचित धन में वृद्धि होने के योग हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)












