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Sensex से बाहर हो सकता है Trent , इन शेयर की चमक सकती है किस्मत!

अगर आपके पोर्टफोलियो में टाटा ग्रुप (Tata Group) की रिटेल कंपनी ट्रेंट (Trent) के शेयर मौजूद हैं, तो आपको अपनी निवेश रणनीति की दोबारा समीक्षा करनी पड़ सकती है. दलाल स्ट्रीट पर चर्चा तेज है कि बीएसई सेंसेक्स 30 (BSE Sensex 30) इंडेक्स में जल्द ही एक बड़ा बदलाव होने वाला है. इस रीजिग में ट्रेंट की सेंसेक्स से छुट्टी होने के आसार हैं. वहीं, इसकी जगह लेने के लिए बाजार के दो अन्य धुरंधर शेयर पूरी तरह से तैयार बैठे हैं.

Sensex से बाहर हो सकता है Trent , इन शेयर की चमक सकती है किस्मत!
Sensex से बाहर हो सकता है Trent , इन शेयर की चमक सकती है किस्मत!

Trent पर क्यों मंडराया बाहर होने का खतरा

ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 में होने वाले इंडेक्स रीजिग में ट्रेंट को सेंसेक्स से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह कंपनी के शेयरों का हालिया खराब प्रदर्शन है. पिछले कुछ समय से स्टॉक में लगातार दबाव देखा गया है, जिसके चलते इसके फ्री-फ्लोट मार्केट कैप में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

एक समय था जब अक्टूबर 2024 में यह शेयर ₹8,345 के अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा था. लेकिन उसके बाद से इसमें 50 प्रतिशत से ज्यादा की भयंकर टूट आ चुकी है. इस बिकवाली के कारण कंपनी का मार्केट कैप जो कभी ₹2 लाख करोड़ के पार हुआ करता था, वह अब सिकुड़कर महज ₹1.4 लाख करोड़ रह गया है. नुवामा के अनुमान के मुताबिक, अगर ट्रेंट सेंसेक्स से बाहर होता है, तो इंडेक्स फंड्स से लगभग $25.7 करोड़ (पैसिव आउटफ्लो) की बड़ी निकासी हो सकती है. जाहिर है, इस निकासी से शेयर की कीमतों पर और दबाव बन सकता है.

किन कंपनियों की खुलेगी किस्मत

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सेंसेक्स के इस प्रतिष्ठित इंडेक्स में ट्रेंट की खाली कुर्सी किसे मिलेगी? इस रेस में दो नाम सबसे आगे हैं— आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries) या फिर श्रीराम फाइनेंस (Shriram Finance). नुवामा की रिपोर्ट बताती है कि अगर सिर्फ फ्री-फ्लोट मार्केट कैप को आधार माना जाए, तो श्रीराम फाइनेंस इस दौड़ में आगे है. लेकिन, इंडेक्स कमेटी हमेशा ऐसे शेयरों को तरजीह देती है जो अलग-अलग सेक्टर्स का सही और व्यापक प्रतिनिधित्व करते हों (ब्रोडर सेक्टरल रिप्रेजेंटेशन).

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इस नियम के चलते हिंडाल्को की सेंसेक्स में एंट्री मारने की संभावना ज्यादा मजबूत नजर आती है. अगर हिंडाल्को को इंडेक्स में जगह मिलती है, तो पैसिव फंड्स के जरिए इसमें लगभग $36.6 करोड़ का नया निवेश (पैसिव इनफ्लो) आ सकता है. वहीं, अगर बाजी श्रीराम फाइनेंस के हाथ लगती है, तो यह निवेश का आंकड़ा $44.5 करोड़ तक पहुंच सकता है. इंडेक्स में शामिल होने का मतलब है कि इन शेयरों में संस्थागत निवेशकों की खरीदारी तेजी से बढ़ेगी.

एक साल में इन शेयरों का कैसा रहा मिजाज

इस पूरे घटनाक्रम के बीच, निवेशकों के लिए इन तीनों शेयरों की हालिया चाल को समझना बेहद जरूरी है. ट्रेंट की बात करें तो 30 जून 2025 को यह शेयर ₹6,259.00 के शानदार स्तर पर था, लेकिन बाजार की मार ने इसे 9 महीने के भीतर 47.66 प्रतिशत नीचे धकेल दिया. नतीजतन, 30 मार्च 2026 तक यह शेयर ₹3,276.10 के निचले स्तर पर आ गिरा.

इसके एकदम उलट, श्रीराम फाइनेंस ने निवेशकों की झोली भरने का काम किया है. अगस्त 2025 में जो शेयर ₹566.40 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था, उसने सिर्फ 6 महीने में 95.62 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग लगा दी. इस तेजी के दम पर 26 फरवरी 2026 को शेयर ₹1,108.00 की ऊंचाई पर जा पहुंचा.

वहीं, हिंडाल्को की रफ्तार भी काफी बेहतरीन रही है. जून 2025 में यह शेयर ₹617.90 के निचले स्तर पर संघर्ष कर रहा था. लेकिन अगले 11 महीनों में इसमें 78.84 प्रतिशत की शानदार रिकवरी देखी गई और यह ₹1,105.05 के दमदार स्तर पर पहुंच गया.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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