रेल मंत्रालय के तहत आने वाली नवरत्न कंपनी Rail Vikas Nigam Limited ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 59% गिरकर 187 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 455 करोड़ रुपये था. हालांकि कंपनी की आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कमजोर मार्जिन और बढ़ती लागत का असर नतीजों पर दिखा. इसके बावजूद कंपनी ने शेयरधारकों के लिए फाइनल डिविडेंड देने की घोषणा की है.
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हालांकि मुनाफे में भारी गिरावट के बावजूद कंपनी की कुल आय में बढ़ोतरी देखने को मिली है. मार्च तिमाही में RVNL का रेवेन्यू 4.2% बढ़कर 6,696 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 6,427.1 करोड़ रुपये था. इससे साफ है कि कंपनी का कारोबार बढ़ा है, लेकिन बढ़ती लागत और कमजोर परिचालन प्रदर्शन ने मुनाफे पर दबाव बनाया.
EBITDA भी रही कमजोर
कंपनी की परिचालन आय यानी EBITDA भी इस तिमाही में कमजोर रही. यह सालाना आधार पर 38.4% गिरकर 268.5 करोड़ रुपये रह गई. पिछले साल मार्च तिमाही में EBITDA 436.1 करोड़ रुपये था. इसके साथ ही कंपनी का EBITDA मार्जिन भी घटकर 4% रह गया, जो पिछले साल समान अवधि में 6.8% था. विशेषज्ञों का मानना है कि लागत बढ़ने और प्रोजेक्ट्स के खर्च में इजाफा होने से कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ा है. लगभग 300 बेसिस प्वाइंट की गिरावट यह दिखाती है कि कंपनी को ऑपरेशनल लेवल पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा.
इतना मिलेगा डिविडेंड
इन कमजोर नतीजों के बावजूद RVNL ने निवेशकों को राहत देते हुए डिविडेंड का ऐलान किया है. कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 0.71 रुपये फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है. हालांकि डिविडेंड का भुगतान शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही किया जाएगा. इसके लिए प्रस्ताव को कंपनी की आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में रखा जाएगा. कंपनी ने कहा है कि मंजूरी मिलने के बाद 30 दिनों के भीतर डिविडेंड का भुगतान कर दिया जाएगा.
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