देश में लाखों लोग ऐसे हैं, जिनका पैसा बैंक खातों, शेयरों और बीमा पॉलिसियों में पड़ा हुआ है, लेकिन उस पर कोई दावा नहीं कर रहा। सरकार के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 तक बिना दावे वाली वित्तीय संपत्तियों की कुल रकम ₹1.1 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा बैंक खातों का है। कई लोगों को तो यह भी पता नहीं होता कि उनके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पुराना खाता, FD, शेयर या बीमा पॉलिसी मौजूद है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब ₹83,000 करोड़ ऐसे बैंक खातों में पड़े हैं, जिन पर वर्षों से कोई दावा नहीं किया गया। वहीं लगभग ₹10,000 करोड़ के शेयर और ₹14,000 करोड़ की बीमा पॉलिसियां भी बिना दावे के पड़ी हैं। यह पैसा खत्म नहीं होता, बल्कि RBI, SEBI और IRDAI जैसी संस्थाओं के पास सुरक्षित रखा जाता है।
क्यों बढ़ रही है यह समस्या?
विशेषज्ञों के अनुसार पुराने समय में खुले खातों में KYC सही तरीके से अपडेट नहीं होती थी। कई खातों में नाम की स्पेलिंग अलग-अलग दर्ज है, पते बदल चुके हैं या डॉक्यूमेंट्स अधूरे हैं। यही वजह है कि असली मालिक या उनके परिवार वालों को दावा करने में परेशानी होती है। इसके अलावा पहले लोग बैंक खाते और निवेश में नॉमिनी जोड़ने पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे। ऐसे में खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है।
ऑनलाइन ऐसे चेक करें अपना पैसा
अब सरकार ने बिना दावे वाली रकम खोजने की प्रक्रिया काफी आसान कर दी है। लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपने पुराने खाते और निवेश की जानकारी चेक कर सकते हैं।
Khabar Monkey
बैंक खाते के लिए
RBI के UDGAM पोर्टल पर जाकर पुराने बैंक खातों की जानकारी खोजी जा सकती है।
शेयर और डिविडेंड के लिए
SEBI और IEPF पोर्टल पर जाकर बिना दावे वाले शेयर और डिविडेंड चेक किए जा सकते हैं।
बीमा पॉलिसी के लिए
IRDAI की वेबसाइट पर अनक्लेम्ड इंश्योरेंस अमाउंट की जानकारी उपलब्ध है।
सरकार चला चुकी है बड़ा अभियान
पिछले साल RBI, SEBI और IRDAI ने मिलकर ‘Your Money Your Right’ अभियान चलाया था। इसके जरिए देशभर में करीब ₹5,777 करोड़ लोगों को वापस दिलाए गए। हालांकि अब भी करोड़ों रुपये ऐसे पड़े हैं, जिनके असली मालिक सामने नहीं आए हैं।





