अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ जीवन बीमा का लाभ चाहते हैं, तो भारतीय जीवन बीमा निगम की योजनाएं आज भी सबसे भरोसेमंद विकल्पों में गिनी जाती हैं. सरकारी समर्थन वाली इन पॉलिसियों में न सिर्फ जीवन बीमा मिलता है, बल्कि लंबी अवधि में बचत और टैक्स लाभ का फायदा भी मिलता है. बाजार में उतारचढ़ाव के दौर में भी कई निवेशक स्थिर रिटर्न और सुरक्षा के लिए LIC योजनाओं को प्राथमिकता देते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं 2026 की पांच प्रमुख LIC योजनाओं के बारे में, जो अलगअलग जरूरतों और वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से बेहतर मानी जा रही हैं.

न्यू एंडोमेंट और न्यू जीवन आनंद में सुरक्षा के साथ बचत

LIC न्यू एंडोमेंट उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो मैच्योरिटी पर एकमुश्त राशि के साथ जीवन बीमा चाहते हैं. इस योजना में सम एश्योर्ड के साथ बोनस का लाभ मिलता है. 35 वर्ष की उम्र और 25 साल की अवधि के लिए 10 लाख रुपये के सम एश्योर्ड पर सालाना प्रीमियम करीब 39,365 रुपये बैठता है. मैच्योरिटी पर अनुमानित राशि 22 से 25 लाख रुपये तक हो सकती है.

वहीं, LIC न्यू जीवन आनंद की खासियत यह है कि मैच्योरिटी के बाद भी जीवन बीमा सुरक्षा जारी रहती है. इस योजना का सालाना प्रीमियम लगभग 46,911 रुपये है और अनुमानित मैच्योरिटी राशि करीब 22 लाख रुपये हो सकती है.

बच्चों और भविष्य के लक्ष्यों के लिए बेहतर विकल्प

LIC जीवन लक्ष्य उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है जो बच्चों की पढ़ाई या किसी बड़े वित्तीय लक्ष्य के लिए निवेश करना चाहते हैं. पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर आगे का प्रीमियम माफ हो जाता है और परिवार को अन्य लाभ भी मिलते हैं. दूसरी ओर, LIC जीवन लाभ में सीमित वर्षों तक ही प्रीमियम भरना होता है, जबकि संभावित रिटर्न अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है. इसका अनुमानित इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न करीब 7.1 फीसदी बताया गया है.

नियमित आय चाहने वालों के लिए जीवन उमंग

अगर आपका लक्ष्य रिटायरमेंट के बाद नियमित आय प्राप्त करना है, तो LIC जीवन उमंग एक उपयुक्त विकल्प हो सकता है. इसमें प्रीमियम भुगतान अवधि पूरी होने के बाद सालाना आय मिलती है और 100 वर्ष की आयु तक बीमा सुरक्षा बनी रहती है. हालांकि, इसका अनुमानित रिटर्न अन्य योजनाओं की तुलना में अपेक्षाकृत कम है.

निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी LIC योजना में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, प्रीमियम भुगतान की क्षमता और संभावित रिटर्न का आकलन जरूर करें. साथ ही, योजना की पात्रता, राइडर्स, टैक्स लाभ, मैच्योरिटी शर्तें और अन्य नियमों को ध्यान से पढ़ें. जरूरत पड़ने पर किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की सलाह लेकर ही अंतिम निर्णय लेना बेहतर रहेगा.