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Pregnancy Diet Tips: प्रेग्नेंसी में हल्दी वाला दूध पीना चाहिए या नहीं? जानें सही तरीका और फायदे​

हल्दी वाले दूध को भारत में देसी इलाज तक माना जाता है. इसमें मौजूद करक्यूमिन इम्यून सिस्टम को फायदा पहुंचाता है. पर क्या इसे प्रेगनेंसी में पीना सही है? लोगों में सवाल उठता है कि कहीं इसकी गर्म तासीर से बच्चे को नुकसान तो नहीं होगा? दरअसल, प्रेगनेंसी में खानपान को लेकर सावधानी बरतना जरूरी […]

हल्दी वाले दूध को भारत में देसी इलाज तक माना जाता है. इसमें मौजूद करक्यूमिन इम्यून सिस्टम को फायदा पहुंचाता है. पर क्या इसे प्रेगनेंसी में पीना सही है? लोगों में सवाल उठता है कि कहीं इसकी गर्म तासीर से बच्चे को नुकसान तो नहीं होगा? दरअसल, प्रेगनेंसी में खानपान को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है. ऐसे में हल्दी वाला दूध पीने से पहले इसकी सही मात्रा और इससे जुड़ी जरूरी बातों को जानना चाहिए. आयुर्वेद में हल्दी को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है.

दिल्ली में आयुर्वेद की डॉक्टर डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, सीमित मात्रा में हल्दी का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. हालांकि, गर्भावस्था में इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.

क्या प्रेगनेंसी में हल्दी वाला दूध पी सकते हैं?

गर्भावस्था के दौरान खाने में इस्तेमाल होने वाली सामान्य मात्रा में हल्दी का सेवन आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है. इसलिए भोजन में हल्दी डालने से परहेज करने की जरूरत नहीं है. हालांकि, दूध में अलग से ज्यादा हल्दी मिलाकर रोजाना पीने और हल्दी या करक्यूमिन के सप्लीमेंट लेने के मामले में सावधानी बरतनी चाहिए.

हल्दी में करक्यूमिन नाम का एक कंपाउंड पाया जाता है, जिसमें सूजन कम करने वाले गुण होते हैं. हालांकि, प्रेगनेंसी के दौरान हल्दी वाला दूध पीने से होने वाले फायदों और इसकी अधिक मात्रा की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. इसलिए इसे किसी बीमारी का इलाज मानना सही नहीं है.

प्रेगनेंसी की तीनों तिमाही में कितनी सावधानी जरूरी?

पहली तिमाही : गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने बच्चे के अंगों के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण होते हैं. इस दौरान भोजन में सामान्य मात्रा में हल्दी का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, रोजाना दूध में अतिरिक्त हल्दी मिलाकर पीने की आदत शुरू करने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है.

दूसरी तिमाही : इस दौरान भी संतुलित खानपान जरूरी है. भोजन में इस्तेमाल होने वाली हल्दी आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है. हालांकि, एक गिलास दूध में आधा छोटा चम्मच हल्दी मिलाकर पीना सभी गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है, ऐसा कहने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं. इसलिए इसकी मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय करें.

तीसरी तिमाही : गर्भावस्था के अंतिम महीनों में भी खानपान को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए. हल्दी की अधिक मात्रा से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जाती है, लेकिन सामान्य भोजन में इस्तेमाल होने वाली हल्दी से प्रसव के दौरान ब्लीडिंग बढ़ने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं. खासकर डिलीवरी की तारीख नजदीक होने पर हल्दी या करक्यूमिन के सप्लीमेंट लेने से बचें और डॉक्टर की सलाह का पालन करें.

हल्दी वाले दूध के क्या फायदे हो सकते हैं?

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन में एंटीइंफ्लेमेटरी यानी सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं. इसके अलावा, हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं. हालांकि, गर्भावस्था के दौरान हल्दी वाला दूध पीने से इन सभी फायदों का मिलना अभी वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हुआ है.

हल्दी वाला दूध पीने से कुछ लोगों को गर्म पेय के रूप में आराम मिल सकता है. वहीं, दूध से कैल्शियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व मिलते हैं, जो गर्भावस्था में मां और बच्चे की सेहत के लिए जरूरी हैं. अगर दूध से एलर्जी नहीं है या इसे पचाने में परेशानी नहीं होती, तो इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है.

हालांकि, हल्दी वाला दूध पीने से इम्यूनिटी बढ़ने, कब्ज दूर होने, वजन नियंत्रित रहने, त्वचा में निखार आने या शरीर से टॉक्सिन निकलने जैसे दावों के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं. इसे किसी बीमारी का उपचार भी नहीं माना जाना चाहिए.

हल्दी वाला दूध पीते समय इन बातों का रखें ध्यान

मात्रा का ध्यान रखें: भोजन में सामान्य मात्रा में हल्दी का इस्तेमाल करें. दूध में अतिरिक्त हल्दी मिलाकर रोजाना पीने से पहले डॉक्टर की सलाह लें.

दूध को अच्छी तरह गर्म करें: हमेशा पाश्चुरीकृत दूध या अच्छी तरह उबला हुआ दूध इस्तेमाल करें.

दवाएं ले रही हैं तो सावधानी बरतें: अगर आप खून पतला करने वाली दवाएं ले रही हैं या पित्त की पथरी की समस्या है, तो हल्दी की अधिक मात्रा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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